आय से अधिक करीब 95 लाख रुपये की अवैध संपत्ति रखने के आरोप में सीबीआई ने डॉक्टर कर्नल (रिटायर्ड) वीएस यादव के खिलाफ सीबीआई ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की है।
सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि यादव के पास 1997 में पांच लाख 98 हजार की संपत्ति थी, लेकिन जब अक्तूबर 2011 में रिटायर हुए तो यह एक करोड़ 69 लाख रुपये हो गए।
उन्हें अक्तूबर 2011 में सीबीआई ने 10 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए उस समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया था, जब वह अंबाला आर्मी अस्पताल में तैनात थे।
यह रिश्वत एक कैंडिडेट को आर्मी में भर्ती के लिए तंदुरुस्त करार देने के एवज में ली गई थी। अब सीबीआई भ्रष्टाचार के अलावा आय से अधिक संपत्ति रखने के केस को अलग से चलाएगी।
सीबीआई ने चार्जशीट में कहा है कि 1997 से 2011 तक की तैनाती के दौरान डा. कर्नल वीएस यादव ने आय से अधिक करीब 95 लाख रुपये की संपत्ति जुटाई। यादव ईएनटी स्पेशलिस्ट थे।
आठ अक्तूबर 2011 को संगरूर निवासी परमजीत सिंह को आर्मी अस्पताल में मेडिकली अनफिट करार दिया गया था, लेकिन बाद में परमजीत कर्नल यादव के घर पर उनसे मुलाकात की।
वहां 10 हजार रुपये रिश्वत लेने के बाद कर्नल यादव ने इस कैंडिडेट को फिट करार दिया था। इसी दौरान सीबीआई ने उन्हें रंगे हाथ पकड़ा, क्योंकि सीबीआई के पास पहले ही सूचना पहुंच चुकी थी।
बता दें कि कर्नल यादव 31 अक्तूबर 2011 को रिटायर हो चुके हैं और 18 नवंबर 2011 को उन्हें जमानत मिल गई थी।