शादी के नाम पर डॉक्टर युवती से कथित दुराचार मामले में जिला एवं सत्र न्यायाधीश एसके अग्रवाल की अदालत ने आरोपी डॉक्टर डॉ. वागेश गुटीन को बरी कर दिया।
आरोप लगाने वाली युवती अदालत में बयानों से मुकर गई। पीड़िता ने अदालत में कहा कि डॉ. वागेश गुटीन उसे शादी के लिए कभी प्रपोज नहीं किया और न ही उसके साथ दुराचार किया।
युवती ने सेक्टर-3 थाना पुलिस को 09 जुलाई 2013 को शिकायत दी थी कि शादी के नाम पर डॉ. वागेश गुटीन ने उसके साथ दुराचार किया। शिकायत में बताया था कि वह आरोपी के पिता के अंडर ट्रेनिंग लेने यमुनानगर गई थी। उसी दौरान उसकी मुलाकात डॉ. वागेश गुटीन से हुई।
वे यमुनानगर के प्राइमरी हेल्थ सेंटर, बुड़िया मे मेडिकल आफिसर थे। अपनी पढ़ाई पूरी होने के बाद युवती शिमला चली गई थी। इस दौरान वागेश उसके संपर्क में रहा।
2010 में पीड़िता आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ आ गई थी। आरोप के मुताबिक दिसंबर, 2010 में डॉ. वागीश ने उसे शादी के लिए प्रपोज किया।
इसके बाद 16 मार्च, 2011 को वागेश उसके घर शराब के नशे में आया और मना करने के शारीरिक संबंध बनाए। उसके बाद डॉक्टर ने शादी करने से इंकार कर दिया। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर दुराचार का मामला दर्ज कर डॉ. वागेश गुटीन को गिरफ्तार किया था।