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कार में 4 कंकाल: केस में कई सनसनीखेज खुलासे

Tue, 06 Jan 2015 05:39 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बहादुरगढ़(हरियाणा)
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युवकों की हत्या कर शव को कार सहित जलाने के मामले में पुलिस ने 3 और युवकों को गिरफ्तार कर वारदात से जुड़े कई खुलासे किए हैं। बता दें कि 1 जनवरी को नजफगढ़ के चार युवकों की हत्या करके उनके शव को बहादुरगढ़ के गांव ईस्सरहेड़ी में लाकर कार के भीतर जला देने का सनसनीखेज मामला सामने आया था।
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इस मामले में पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अब तक एक महिला समेत कुल छह आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ चुके हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों ने पहले साथ मिलकर नव वर्ष जश्न मनाया फिर चारों युवकों को मौत के घाट उतार दिया। इन आरोपियों से पूछताछ के बाद वारदात से जुड़े कई पहलू पुलिस के सामने आए हैं।

डीएसपी कप्तान सिंह ने सोमवार को बताया कि मितराऊ में हुए गैंगवार के बाद वर्चस्व बनाए रखने व पैसे की उगाही को लेकर बनी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया। उन्होंने बताया कि यह चौहरा हत्याकांड रवींद्र उर्फ भोलू गैंग से जुड़े करीब 15 युवकों ने अंजाम दिया था।
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आरोपियों से पूछताछ में पता चला कि घटना वाली रात इन सभी ने नव वर्र्ष का जश्न मनाने के बहाने मितराऊ निवासी मनीष, सुधीर, संदीप और समसपुर निवासी दीपक को यह कहकर रोका था कि वह अपने सभी पुराने गिले-शिकवे भूला देना चाहते हैं। योजना के तहत सभी ने एकसाथ बैठकर नव वर्ष का जश्न मनाते हुए शराब पी। जब मनीष, सुधीर, संदीप और दीपक को नशा चढ़ा, तो उन्होंने उनकी गोली मारकर हत्या कर दी।

गैंग के बीच थी वर्चस्व की लड़ाई

वारदात को मितराऊ के ही एक ऑफिस के भीतर अंजाम दिया गया था। यह ऑफिस इस मामले में आरोपी रविंद्र का है। डीएसपी ने बताया कि चारों युवकों की हत्या करने के बाद हत्यारोपियों का ही एक साथी बाइक पर जाकर दो बोतलों में पेट्रोल लेकर आया।

योजना के तहत शवों को उनकी ही कार में डालकर ईस्सरहेड़ी की बणी (जंगल) में ले गए और उन पर पेट्रोल डालकर आग के हवाले कर दिया। हत्यारोपी दो कारों में सवार होकर यहां पहुंचे थे।

डीएसपी ने बताया कि रवींद्र उर्फ भोलू गैंग और नवीन खाती गैंग में काफी पुरानी रंजिश चली आ रही थी। पिछले वर्ष मार्च-अप्रैल में दीपक और अन्यों ने रवींद्र पर गोली भी चला दी थी। इसके बाद से उनमें काफी रंजिश बनी थी। उन्होंने बताया कि पहले दोनों गुटों के आरोपी मितराऊ के ही अनूप से जुड़े थे।

उस समय गैंग का सरगना अनूप हुआ करता था। उसकी रोहतक के अदालत परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उसके बाद ही पैसे की उगाही को लेकर दो गुट बन गए थे, जिनमें बाद में खूनी रंजिश शुरू हो गई। इसी के चलते पिछले साल रवींद्र उर्फ भोलू पर हमला हुआ था।

उसे दो गोली लगी थी, लेकिन वह बच गया था। इसी रंजिश का बदला जब रवींद्र गुट ने लिया, तो सबसे पहले दीपक को गोली मारी गई, क्योंकि उसी ने रवींद्र पर हमला किया था।
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मुख्य आरोपी रवींद्र पुलिस गिरफ्त से बाहर

इस डीएसपी ने बताया कि मरने वालों में मनीष पर चार केस हैं। इनमें दो हत्या, एक हत्या के प्रयास और एक लूट का मामला है। दीपक पर एक हत्या और दूसरा हत्या के प्रयास का मामला दर्ज है। इसके अलावा संदीप पर झगड़े का एक केस दर्ज है।
 
डीएसपी कप्तान सिंह ने बताया कि इस हत्याकांड में पुलिस अभी मुख्य आरोपी रवींद्र, उसके भाइयों व कुछ अन्य को नहीं पकड़ पाई है। मितराऊ निवासी राहुल, दीपक और आरोपी रविंद्र की मां कृष्णा को पहले ही गिरफ्तार कर लिया गया था।

अब दरियापुर के आकाश, मुकेश व रोहित भी पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं। आरोपी राहुल और दीपक पहले से पुलिस रिमांड पर चल रहे हैं, जबकि आरोपी आकाश, मुकेश और रोहित को भी अदालत ने पांच दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंप दिया है।

आरोपी कृष्णा पर घटनास्थल पर फैला खून धोने का आरोप है। उसे अदालत के निर्देश पर जेल भेजा जा चुका है। पुलिस ने मौके से कई सुबूत भी जुटाए हैं। पुलिस को घटनास्थल से तीन खोल भी बरामद हुए हैं।
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