नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र संचालक की दो सहकर्मियों समेत आठ हमलावरों ने डंडों से पीटकर व धारदार हथियार से हमला कर हत्या कर दी। हमलावरों ने उनके हाथ-पैर बांधकर वारदात को अंजाम दिया। देर रात वारदात को अंजाम देकर हमलावर केंद्र में उपचार करा रहे अन्य युवकों को भी लेकर भाग गए। बाद में वह उन्हें हरेवली मोड़ पर उतार गए। उपचार करा रहे युवक ने मामले से केंद्र संचालक के भाई को अवगत कराया।
वह केंद्र में पहुंचे तो उन्हें अपना भाई मृत अवस्था में मिला। जिस पर पुलिस को अवगत कराया। सूचना के बाद पहुंची खरखौदा थाना की सैदपुर चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। गांव झिंझौली निवासी राजेश ने बताया कि बताया कि उनके छोटे भाई राकेश (40) गांव में सरकारी स्कूल के पास दरियाव सिंह नशा मुक्ति एवं पुनर्वास केंद्र चलाते थे। उनके केंद्र में 14 युवक थे। जिनमें गांव गंगाना निवासी आजाद व बबलू उसके भाई के सहयोगी थे और मरीजों की देखभाल में राकेश की मदद करते थे।
राजेश ने बताया कि शनिवार सुबह वह घूमकर घर जा रहे थे तो रास्ते में उसे गांव गोपालपुर का प्रदीप मिला। प्रदीप उनके भाई के नशा मुक्ति केंद्र में उपचार करा रहा था। प्रदीप ने उसे बताया कि देर रात गंगाना के आजाद व बबलू, रोहतक के अंकुर, दिल्ली के वसंत विहार के विवेक, दिल्ली के बवाना निवासी जितेंद्र व सुशील, दिल्ली के गांव पूठ निवासी साहिल, होलंबी कलां के विशाल ने मिलकर राकेश की हत्या कर दी है। वह उसकी थार जीप और वरना कार लेकर भागे हैं।
वह केंद्र में उपचार करा रहे अन्य युवकों को भी साथ ले गए थे। उन्होंने अन्य को हरेवली मोड़ पर उतार दिया और दोनों गाड़ियों को लेकर भाग निकले। वह नशा मुक्ति केंद्र का पूरा रिकॉर्ड व सीसीटीवी की डीवीआर भी लेकर भाग गए। वह भाई के केंद्र पर पहुंचा। जहां पर कमरे के अंदर उसका भाई मृत पड़ा था। उसके हाथ-पैर बांध रखे थे। उन्होंने परिवार के सदस्यों को अवगत कराया।
सूचना के बाद परिजन मौके पर पहुंचे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को सामान्य अस्पताल में भिजवा दिया। पुलिस ने मामले में राजेश के बयान पर फिलहाल आजाद, बबलू, अंकुर, विवेक, जितेंद्र, सुशील, साहिल व विशाल के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है।