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पुलिस की मिलीभगत से चलता है नशे का काला कारोबार: डीजीपी

Mon, 13 Jun 2016 09:33 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, यमुनानगर।
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डीजीपी ह‌रियाण्‍ाा, केपी स‌िंह - फोटो : amar ujala
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प्रदेश में नशा पैदा नहीं होता लेकिन बाहर से सप्लाई के कारण नशे का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। इसमें पुलिस की मिलीभगत भी एक बड़ा कारण है। ऐसे कई मामले भी सामने आ चुके हैं। ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जा रही है।
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नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए सुरक्षा प्रबंध कड़े किए जा रहे हैं। इन बातों का उल्लेख पुलिस महानिदेशक केपी सिंह ने शनिवार को यहां आयोजित पंचायती राज में पुलिस की भूमिका विषय पर आयोजित गोष्ठी के बाद पत्रकारवार्ता में किया।

डीजीपी केपी सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों समेत प्रदेश भर के जिलों में सार्वजनिक स्थानों, चौराहों पर सवा लाख सीसी कैमरों का पहरा और सीमाओं पर पुलिस की चौकसी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबारियों पर नकेल कसी जा रही है।
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इस धंधे में कहीं न कहीं पुलिस की भूमिका भी सामने आ चुकी है। ऐसे पुलिसवालों पर नकेल कसी जा रही है। मतलौड़ा थाना प्रभारी को गिरफ्तार भी किया गया और कई पुलिस कर्मियों पर कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि जो भी पुलिसकर्मी इस कारोबार में शामिल पाया जाएगा उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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प्रदेश की सीमाओं पर बढे़गी चौकसी

पानीपत रेलवे स्टेशन पर डीजीपी केपी सिंह दौरा करते हुए - फोटो : अमर उजाला
पत्रकारों से बातचीत में डीजीपी ने जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान व्यवस्था बनाए रखे और नशा तस्करों समेत क्राइम कंट्रोल की स्ट्रैटेजी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चाहे जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हुई हिंसा हो या फतेहाबाद-पिपली बस धमाके, सीसीटीवी फुटेज की अहम भूमिका रही है। इसलिए राष्ट्रीय-राज्य राजमार्ग और प्रदेशभर के सार्वजनिक स्थानों, चौराहों के साथ सरकारी संस्थानों में सवा लाख सीसीटीवी कैमरे लगाने की तैयारी है। प्रदेश की सीमाओं पर चौकसी बढ़ाई जाएगी। 

व्यवस्था बिगड़ी तो कसेगा शिकंजा
डीजीपी केपी सिंह ने जाट आरक्षण आंदोलन के संदर्भ में कहा कि कानून के दायरे में रहकर धरना-प्रदर्शन लोकतांत्रिक अधिकार है। अगर कोई व्यवस्था तोड़ेगा तो उस पर कानून का शिकंजा कसेगा। आरक्षण आंदोलन में केस दर्ज करने पर भी गिरफ्तारी न होने के सवाल पर उन्होंने कहा कि जिस केस में सात साल से कम की सजा का प्रावधान होता है, उनमें गिरफ्तारी जरूरी नहीं होती है। 

दूर होगी पुलिस की कमी
प्रदेश में 14 हजार पुलिसकर्मियों की कमी है, इसे पूरा करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं। 3000 सेवानिवृत्त कर्मचारी भर्ती किए जाएंगे और 200 के करीब महिला पुलिस कर्मी जून के अंत तक पुलिस बल में भर्ती होंगे। पांच हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती की प्रक्रिया चल रही है, बाकी पांच हजार पुलिस कर्मियों की भर्ती भी जल्द की जाएगी।
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