हैबतपुर रोड पर किराए पर रहने वाली साढ़े छह साल की मासूम से 19 वर्षीय मजदूर की ओर से रेप करने का मामला सामने आया है। लड़की की तबीयत बिगड़ने पर उसको सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। जहां उसकी तबीयत बिगड़ने पर चंडीगढ़ सेक्टर-32 अस्पताल में दाखिल करवाया गया है। वहीं, मेडिकल में रेप की पुष्टि हुई है। लड़की सरकारी स्कूल में दूसरी कक्षा की छात्रा है, जिसको स्कूल से छुट्टी के समय आरोपी ने वारदात को अंजाम दिया।
जांच अधिकारी अश्विनी कुमार ने बताया कि हैबतपुर की गुरदेव सिंह कालोनी में झारखंड मूल के कुछ दिहाड़ीदार परिवार रहते हैं। इनमें से एक परिवार की साढ़े छह साल की बेटी व नौ साल का बेटा 4 मई को स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रहे थे। रास्ते में उन्हें साइकिल पर जा रहा मुन्नी लाल मिला। झारखंड मूल और कालोनी में पड़ोसी होने के कारण वह दोनों भाई-बहन का जानकार था। वह बच्ची को बहला फुसलाकर साइकिल पर बैठा घर छोड़ने की बजाय डेराबस्सी रेलवे ओवरब्रिज तले रेलवे लाइन के पास ले आया। वहां पास के खेतों के पास ले जाकर उसने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया।
आईओ अश्विनी ने बताया कि 4 बजे तक कर बच्ची के घर नहीं पहुंचने पर परिवार को चिंता हुई। बड़े भाई के बताने पर वह मुन्नी लाल को ढूंढ़ने निकले। मौके पर मिल जाने के बावजूद मुन्नीलाल फरार हो गया। लड़की के पिता ने पहले तो यह बात छिपाए रखी, लेकिन जानकारों के समझाने पर उसने 6 मई को पुलिस में शिकायत दी। बच्ची का अस्पताल में मेडिकल कराया गया, जहां रेप की पुष्टि हुई। अश्विनी के अनुसार लड़की के पिता के बयान पर पुलिस ने मुन्नीलाल के खिलाफ आईपीसी 376 और पोस्को एक्ट की धारा 4 के तहत केस दर्ज कर लिया है।
वहीं दूसरी ओर परिवार ने चार तारीख को हुई घटना की जानकारी छह तारीख को पुलिस को दी जब लड़की की तबीयत बिगड़ गई। बीते शनिवार को परिवार ने देर रात जानकारी पुलिस को दी। पीड़ित परिवार ने बताया कि जब वह पुलिस के साथ बच्ची को मेडिकल करवाने के लिए सिविल अस्पताल गए तो वहां मौजूद महिला डाक्टर ने उसका मेडिकल करने से इनकार कर दिया। इस कारण उनको अगले दिन सुबह मेडिकल करवाना पड़ा। थाना प्रभारी गुरजीत सिंह ने कहा कि डॉ. मनमीत कौर मौके पर तैनात थीं, जिसकी उच्च अधिकारियों को शिकायत की जाएगी।