17 अक्तूबर को शाम छह बजे नई आबादी गली नंबर 19 स्थित अपने घर के बाहर से लापता हुए 12 साल के अरमान संधू का गला सड़ा शव बरामद हुआ। वहीं मामले में सनसनीखेज खुलासा भी हुआ है। इस मामले में पकड़े गए दोनों आरोपी अरमान के पिता के ही जानकार निकले। पूरा दिन वे बच्चे को खोजने में परिवार की मदद का दिखावा करते रहते और इसके बाद फेसबुक के जरिये 2 करोड़ की फिरौती मांगते थे।
उन्होंने अरमान की हत्या उसके अपहरण के दो दिन बाद ही कर दी थी। आरोपियों की निशानदेही पर शुक्रवार को मलोट रोड ओवर ब्रिज के पास झाड़ियों से बच्चे का शव बरामद किया गया। उसके हाथ-पैर बांधे हुए थे। फेसबुक के शीर्ष तकनीकी अधिकारियों की मदद से ही दोनों आरोपियों को पकड़ने में कामयाबी मिली।
एसएसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील कुमार उर्फ शीलू वासी अजीमगढ़ और पवन कुमार उर्फ अंकी निवासी अजीमगढ़ का फाइनेंसर बलजिंदर के घर आना-जाना था। सुनील का बलजिंदर के साथ 35 लाख का लेन-देन था। इसी कारण दोनों ने अरमान के अपहरण की योजना तैयार की। 17 अक्तूबर को अरमान को मोटरसाइकिल पर बैठाकर सुनील शहर की ओर ले गया। वहां से पवन अरमान को कार में बैठाकर सीतो रोड स्थित एक किराए के मकान में ले गया।
आरोपियों ने बच्चे को बांधकर रख दिया। चिल्लाने पर उसे नशे के टीके लगाए गए। आरोपियों ने बच्चे की कई फोटो खींचे और वीडियो बनाए। इन तस्वीरों पर आरोपियों अरमान से साइन करवा लिए। इसके बाद आरोपियों ने 19-20 अक्तूबर की रात को अरमान का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी और उसके शव को मलोट रोड फ्लाईओवर के पास झाड़ियों छिपा दिया। इसके बाद फेसबुक के जरिये उसके पिता को बच्चे की साइन की फोटो भेजकर दो करोड़ की फिरौती मांगते रहे।