सिटी ब्यूटीफुल चंडीगढ़ में साइबर अपराध का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस इन मामलों में रिकवरी करने में बुरी तरह विफल रही है। पिछले दो साल में साइबर अपराधियों ने 95 करोड़ रुपये ठग लिए लेकिन पुलिस सिर्फ 14.86 करोड़ रुपये ही वापस दिला पाई है। यह चौंकाने वाला आंकड़ा साइबर सुरक्षा और पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाता है।
पिछले दो साल (अप्रैल 2023 से मार्च 2025) के आंकड़ों के मुताबिक चंडीगढ़ पुलिस के पास 17,075 साइबर अपराध की शिकायतें आईं। इन शिकायतों में से पुलिस ने केवल 244 मामलों में ही एफआईआर दर्ज की और 200 ठगों को गिरफ्तार किया। इससे पता चलता है कि ज्यादातर शिकायतों पर या तो कार्रवाई नहीं हो पाती या साक्ष्यों की कमी के कारण वे शुरुआती स्तर पर ही खत्म हो जाती हैं।
हर महीने करोड़ों की ठगी
साइबर अपराधी हर महीने करोड़ों की ठगी को अंजाम दे रहे हैं। मार्च 2025 में 6.48 करोड़, अगस्त 2024 में 6.11 करोड़ और जुलाई 2024 में 6.27 करोड़ रुपये की ठगी हुई। जनवरी 2024 में तो एक ही महीने में 2.80 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी हुई।
पुलिस की बड़ी चुनौती: रिकवरी
ठगी हुई रकम को वापस दिलाना पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। 95 करोड़ रुपये की कुल ठगी में से पुलिस सिर्फ 14.86 करोड़ रुपये ही रिकवर कर पाई जो कि कुल राशि का सिर्फ 15.6% है। यानी 80 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पीड़ितों को वापस नहीं मिल पाई। पुलिस ने ज्यादातर मामलों में सिर्फ आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज करवाया, लेकिन रकम को वापस लाना मुश्किल रहा।
साल दर साल आंकड़े
वर्ष शिकायतें ठगी गई राशि रिकवरी
2023 अप्रैल से दिसंबर तक 6,321 15 करोड़ 26.23 करोड़
2024 8,928 96.26 करोड़ 76.40 करोड़
2025 मार्च तक 2,037 15.97 करोड़ 15.35 करोड़