फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रिस्पी खैहरा ने लाखों रुपये लिए और कनाडा में फीस भी नहीं भरी

Thu, 15 Jun 2017 09:23 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, मोहाली
विज्ञापन
एमबीए की परीक्षा में हुआ फर्जीवाड़ा - फोटो : demo pic
विज्ञापन
विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी के तीन मामले सामने आए हैं। इस दौरान पुलिस ने तीन थानों में तीन कंपनियों के प्रबंधकों पर इमीग्रेशन एक्ट के तहत ठगी के केस दर्ज कर लिए है।
विज्ञापन


पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पहले मामले में गुरदासपुर निवासी सुच्चा सिंह ने बताया कि उनका बेटा बिक्रम सिंह स्टडी वीजा पर कनाडा गया था। इसके लिए उसने 3.69 लाख रुपये फीस के रूप में भारती एजुकेशन एंड इमीग्रेशन कंपनी में जमा करवाए थे। सुच्चा सिंह का आरोप था कि कंपनी ने कनाडा में उसके बेटे की फीस नहीं भरी।

जब उसे इस बारे में पता चला तो वह कंपनी के फेज-10 स्थित आफिस में पहुंचा तो वहां पर उसकी किसी ने सुनवाई नहीं की। इसके बाद उसने इस संबंध में पुलिस को शिकायत दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की पड़ताल करने के बाद कंपनी की डायरेक्टर क्रिस्पी खैहरा के खिलाफ थाना फेज-11 में केस दर्ज किया है।
विज्ञापन


बेटे व बहू को विदेश भेजने पर ठगे 3.60 लाख
दूसरा मामला मटौर थाने में पैरामाउंट वीजा कंसल्टेंट इमीग्रेशन कंपनी की निशा पर दर्ज हुआ है। इस संबंध में पुलिस को हरियाणा निवासी शमशेर सिंह की तरफ से शिकायत दी गई थी। शमशेर सिंह ने बताया कि उन्होंने कंपनी का विज्ञापन अखबार में देखा था। साथ ही कंपनी से संपर्क साधा था। वह अपने बेटे और पुत्र वधू को विदेश भेजने की तैयारी में थे। उन्होंने कंपनी को 3.60 लाख रुपये का चेक दे दिया। लेकिन कंपनी ने न तो उनके पैसे लौटाए और न ही उनके बच्चों को विदेश भेजा था। 

न्यूजीलैंड भेजने के नाम पर ठगे आठ लाख
जीरकपुर। जीरकपुर पुलिस ने वीजा मैक्स कंपनी के प्रबंधकों पर विदेश भेजने के नाम आठ लाख रुपये ठगने का केस दर्ज किया। इस संबंध में पुलिस को हरियाणा निवासी महिंदर सिंह ने शिकायत दी थी। उन्होंने बताया कि वह अपने बेटे को विदेश भेजना चाहते थे। एक दोस्त के कहने पर उन्होंने कंपनी से संपर्क किया। उन्होंने बताया कि कंपनी के मालिक गुरसेवक सिंह ने कहा कि वह उनके बेटे को आसानी से न्यूजीलैंड भेज देगा।

आरोपी ने कुछ जाली दस्तावेज तैयार किए। साथ ही उससे आठ लाख रुपये ले लिए थे। इसके बाद उसके बेटे को बाहर नहीं भेजा गया। इसके बाद जब उन्होंने कंपनी के जीरकपुर स्थित आफिस में गया तो वहां पर ताला लगा हुआ था। इसके बाद से आरोपी का फोन भी बंद आ रहा था।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें