नाबालिग बच्चों से कुकर्म के आरोपी ‘थियेटर एज’ एनजीओ के संचालक और डायरेक्टर जुल्फिकार खान की जमानत याचिका अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने खारिज कर दी।
इससे पहले बुधवार को पुलिस ने याचिका का विरोध करते जवाब दाखिल किया था। इसके बाद कोर्ट में सरकारी वकील जेपी सिंह ने इस पर बहस करते हुए कहा था कि आरोपी बाहर आकर गवाहों व पीड़ितों को धमका सकता है। साथ ही केस को कमजोर करने के लिए सबूतों से छेड़छाड़ कर सकता है।
सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया था कि जुल्फिकार के रिश्तेदार और परिचित पहले ही पीड़ितों को धमका चुके हैं। इस मामले में उनके खिलाफ संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। इसी मामले में जुल्फिकार के भतीजे अख्तेदार खान उर्फ लाला को गिरफ्तार किया जाना बाकी है।
ऐसे में जुल्फिकार को जमानत का लाभ नहीं मिलना चाहिए। बता दें कि जुल्फिकार के वकील ने 5 पीड़ितों में से एक पीड़ित के केस में जुल्फिकार के लिए जमानत अर्जी दायर की थी।
जमानत अर्जी में कहा गया था कि इस केस में एक पीड़ित अदालत में अर्जी दायर करके बता चुका है कि उसके साथ जुल्फिकार ने कोई गलत काम नहीं किया और न ही वह कथित आपत्तिजनक तस्वीर में मौजूद है। बचाव पक्ष ने पीड़ित द्वारा अदालत में दी गई उस अर्जी को भी जमानत अर्जी के साथ संलग्न किया है।