हरियाणा में अंबाला जिले के मुलाना में बने कोविड-19 अस्पताल के बाथरूम में कोरोना संक्रमित मरीज ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की उम्र 52 वर्ष बताई जा रही है। घटना का खुलासा सुबह करीब 7:45 बजे लगा। मरने वाला मरीज यमुनानगर का था। मुलाना के कोविड-19 अस्पताल में करनाल, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, पंचकूला और अंबाला के कोरोना संक्रमित मरीजों को रखा गया है। घटना का खुलासा होते ही मेडिकल कॉलेज व यूनिट में हड़कंप मच गया। अस्पताल प्रबंधन ने सीएमओ, यमुनानगर और मुलाना थाना प्रभारी को सूचना दी। समाचार लिखे जाने तक अस्पताल में पुलिस नही पहुंच पाई थी।
फंदा लगाने वाले यमुनानगर के 55 वर्षीय कोरोना संक्रमित ने मरने से पहले सुबह साढ़े चार बजे अपने बेटे को फोन पर मैसेज किया था। इस मैसेज में व्यक्ति ने लिखा था कि मेरे संस्कार के समय मुझसे 10 फुट की दूरी रखना। इतना ही नहीं उसने यह भी लिखा कि किसके साथ उसका कितना लेना-देना बकाया है। इसके अलावा अपने भाई को भेजे मैसेज में एक लाइन में उसने अपनी पीड़ा जाहिर करते हुए बताया कि उसका इलाज यहां सही नहीं हो रहा।
बता दें कि सुबह करीब साढ़े सात बजे मरीज ने फंदा लगाकर आत्महत्या की थी। जैसे ही परिजनों को पता चला वह करीब साढ़े 11 बजे मुलाना अस्पताल पहुंचे। पीड़ित व्यक्ति 12 जून को दिल्ली से अपने घर आया था। 13 जून को उसकी तबीयत खराब होने लगी, क्योंकि उसे अस्थमा भी था। 14 जून को उसे मुलाना अस्पताल में भेजा गया था। बताया यह जा रहा है कि वह कपड़ा व्यापारी था। अभी इस मामले में पुलिस जांच में जुटी है।
हमें अभी सूचना मिली है। पुलिस और सीएमओ यमुनानगर को सूचना दे दी गई है। जांच के बाद ही पता लग पाएगा कि मरीज ने ऐसा किन परिस्थितियों में किया।
- डॉक्टर एलएन गर्ग, अस्पताल अधीक्षक एमएमयू