यूटी पुलिस के पांच कांस्टेबल द्वारा एक नाबालिग से बलात्कार और छेड़छाड़ का मामला सामने आया है।
17 वर्षीय पीड़िता दसवीं में पढ़ती है और करीब डेढ़ महीने से बलात्कार का सिलसिला जारी था। यहां तक कि पुलिस कर्मियों ने पीसीआर जिप्सी का इस्तेमाल भी रेप के लिए किया।
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लड़की की शिकायत पर पुलिस ने पांचों आरोपियों को निलंबित कर चार कांस्टेबलों को गिरफ्तार कर लिया है। यह मामला तब खुला जब लड़की ने आत्महत्या का प्रयास किया और परिजनों को कारण का पता चला।
सेक्टर 11 थाना पुलिस ने क्राइम ब्रांच में तैनात सुनील कुमार, पीसीआर में तैनात कांस्टेबल अक्षय, हिम्मत और जगतार को गिरफ्तार कर लिया है।
पांचवें आरोपी की अभी शिनाख्त होनी है। छात्रा ने पांचों पुलिस जवानों के खिलाफ डीएसपी आशीष कपूर को शिकायत दी थी। छात्र ने आरोप लगाए कि कांस्टेबलों ने उसके साथ कमरे और पीसीआर में भी दुराचार किया।
घरेलू झगड़े पर पहुंची थी पीसीआर
खुड्डा लौहरा निवासी 17 वर्षीय पीड़िता ने पुलिस को बताया कि डेढ़ महीने पहले उनके घर पर घरेलू झगड़ा हो गया था। झगड़े की सूचना मिलते ही पीसीआर जवान अक्षय अपने साथियों के साथ पहुंचा था।
अगले दिन अक्षय ने उसका रास्ता रोका और उसका मोबाइल नंबर ले लिया। उसके बाद वह उसे फोन पर तंग करने लगा। छात्रा ने आरोप लगाया कि एक दिन खुड्डा लौहरा निवासी अक्षय उसे बहाने से अपने कमरे पर ले गया और पिस्टल के दम पर उसके साथ दुराचार की वारदात को अंजाम दिया।
अक्षय ने कुछ दिन बाद सुनील से मुलाकात करवाई। सुनील उसे जबरदस्ती सेक्टर 15 की मार्केट से गाड़ी में बैठाकर ले गया ओर गाड़ी में दुराचार किया।
छात्रा ने बताया कि अक्षय के कमरे पर मौजूद पुलिस जवान हिम्मत, जगतार और अन्य ने शारीरिक छेड़छाड़ की।
छात्रा ने बताया कि सुनील और अक्षय से तंग आकर उसने आत्महत्या करने की कोशिश तो उसके चचेरे भाई ने उससे घटना की सारी जानकारी ले ली।
चचेरे भाई और परिजनों ने पुलिस जवान के खिलाफ मामला दज करवाने के लिए भाजपा पार्षद सौरभ जोशी से सम्पर्क किया। सौरभ जोशी पीड़िता को लेकर डीएसपी के पास गए।
पीड़िता के सामने बैठाया आरोपियों को
हैरानी यह है कि दुराचार के आरोपी अक्षय और सुनील को डीएसपी आशीष कपूर के दफ्तर में पीड़िता के सामने बैठाया। आरोपी सामने बैठे होने के चलते पीड़ित छात्रा सही तरह बयान नहीं दे पा रही थी। नियम के तहत आरोपियों को पीड़िता को अलग रखना चाहिए था।
एसएसपी डॉ सुखचैन सिंह गिल ने कहा कि नाबालिग छात्रा से दुराचार करने वाले पांचों पुलिस जवानों पर मामला दर्जकर चार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने सभी को निलंबित कर दिया है।
आईजी आरपी उपाध्याय ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।