नूंह में धार्मिक यात्रा के दौरान हुए हमले और बाद में फैली हिंसा में सोशल मीडिया और साइबर अपराधियों का कनेक्शन सामने आ रहा है। इस प्रकार के इनपुट मिलने के बाद हरियाणा सरकार ने इसी एंगल पर जांच बैठा दी है। प्रदेश के गृह मंत्री अनिल विज ने इस संबंध में आईटी एक्सपर्ट के साथ साथ दो पुलिस अधिकारियों की कमेटी गठित की है।
तीन सदस्यीय कमेटी 20 जुलाई से लेकर 31 जुलाई हिंसा से पहले और हिंसा के बाद तक सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो की स्केनिंग करेगी। यह कमेटी फेसबुक, वाट्सएप चैट, ट्वीटर और यू-ट्यूब समेत अन्य सोशल साइट्स पर चले मैसेज और पोस्ट की जांच करेगी।
कमेटी की रिपोर्ट के बाद अगर सामने आया है कि सोशल मीडिया पर उत्तेजनात्मक पोस्ट डालने के बाद ही दंगे हुए हैं तो उन आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के साथ साथ अन्य धाराओं में केस दर्ज किया जाएगा। गौरतलब है कि सोशल मीडिया पर मोनू मानेसर के साथ साथ कांग्रेस के एक विधायक की कई माह पुरानी वीडियो भी खूब शेयर की जा रही है।
पत्थरबाजों में साइबर अपराधी भी शामिल
हिरासत में लिए गए आरोपियों में कुछ साइबर अपराधों में शामिल रहे युवक भी हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि घटना के पीछे साइबर अपराधियों का कनेक्शन तो नहीं है। इसके पीछे तर्क ये दिया जा रहा है कि दंगाइयों ने खासकर साइबर थाने को निशाना बनाया और थाने के वाहनों को आग लगा दी। इसके पीछे तर्क दिया जा रहा है कि 27 और 28 अप्रैल को हरियाणा पुलिस ने मेवात के 14 उन गांवों में एक साथ रेड की थी, जो साइबर अपराध के गढ़ बन चुके हैं।
करीब 5 हजार पुलिस कर्मचारियों ने एक साथ 320 स्थानों पर रेड की थी और भारी मात्रा में मोबाइल व अन्य उपकरण बरामद किए थे। इस दौरान 66 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से भी साइबर अपराधियों पर पुलिस की दस टीमें लगातार निगरानी रख रही हैं और साइबर अपराध में कमी आई है। आशंका जताई जा रही है कि इसी सख्ती के चलते अपराधियों ने न केवल यात्रा को निशाना बनाया, बल्कि पुलिस पर भी गोलियां दागी।
नूंह हिंसा में तथ्यात्मक चीजों को एकत्रित किया जा रहा है। कोई भी छोटा या बड़ा हो, जिसने भी इसकी साजिश की है, जिसने भी इसकी इंजीनियरिंग की है, जिसने भी यह षड्यंत्र रचा है, जिसने भी यह जहर घोला है, उसको माफ नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘उसको पहले बेनकाब करेंगे, हम तथ्यात्मक तरीकों से षड्यंत्रकारी को नहीं बख्शेगे’।
-अनिल विज, गृह मंत्री।
नूंह, फरीदाबाद, पलवल, सोहना, पटौदी, मानेसर में 5 अगस्त तक इंटरनेट सेवा बंद
चंडीगढ़। नूंह में फैली हिंसा के बाद अन्य जिलों में बनी तनाव की स्थिति को देखते हुए सरकार ने नूंह, फरीदाबाद, पलवल जिले के अलावा गुरुग्राम के उपमंडल सोहना, पटौदी, मानेसर उपमंडल में पांच अगस्त तक इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। इस संबंध में गृह सचिव टीवीएसएन प्रसाद ने आदेश जारी कर दिए हैं।