सिरसा पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत को बताया कि आरोपियों से अभी भी हिसार में दर्ज हुई कई शिकायतों की जांच करनी बाकी है। इसलिए आरोपियों को जमानत न दी जाए। जमानत पर आने के बाद यह लोग जांच प्रभावित कर सकते हैं। इसलिए दोनों आरोपियों को जमानत नहीं मिलनी चाहिए। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद अदालत ने आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी।
एसआईटी के इंचार्ज इंस्पेक्टर दलेराम ने बताया कंपनी के सीएमडी राधेश्याम व प्रमोटर सुंदर सैनी का सात दिन का रिमांड मिला है। हिसार जिले में भी इनके खिलाफ दर्जनों शिकायत दर्ज हैं। फिलहाल हिसार में करीब 30 से अधिक शिकायत उनके पास जांच के लिए भेजी गई हैं। आरोपियों से निशानदेही भी करवाई जाएगी। इसके बाद सिरसा, फतेहाबाद और हिसार में शिकायत दर्ज करवाने वाले निवेशकों के बयान लिए जाएंगे।