प्रॉपर्टी के विवाद से तंग आकर सीआईए के हेड कांस्टेबल ने वीरवार को ताऊ देवीलाल स्टेडियम में खुद की सर्विस रिवॉल्वर से कनपटी पर गोली मारकर खुदकुशी की कोशिश की।
लहूलुहान हालत में उसे जनरल अस्पताल पहुंचाया गया। बाद में गंभीर हालत में उसे अलकेमिस्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां दोपहर बाद करीब साढ़े तीन घंटे तक उसके मस्तिष्क की सर्जरी की गई, लेकिन अब भी हालत गंभीर बनी हुई है।
अभी उसे 72 घंटे तक के लिए ऑब्जर्वेशन में रखा गया है। पुलिस को मौके से सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें हेड कांस्टेबल ने जमीन विवाद से परेशान होकर यह कदम उठाने का जिक्र किया है। घटनास्थल पर डीसीपी अश्विन शेणवी के अलावा पीसीआर व फॉरेंसिक टीम भी पहुंची और सबूत जुटाए।
स्टेडियम के बाहर रिवॉल्वर से गोली दाग ली
जीरकपुर के ढकौली में रहने वाला हेड कांस्टेबल कुलदीप कुमार (करीब 48 वर्ष) वीरवार सुबह करीब 9.30 बजे स्टेडियम पहुंचा। पहले इधर-उधर घूमता रहा और कुछ देर बाद ही स्टेडियम के बाहर पेड़ के पास खुद की सर्विस रिवॉल्वर से गोली दाग ली।
सर्विस रिवॉल्वर से 0.38 बोर की निकली गोली का कुछ हिस्सा सिर से बाहर निकल गया, जबकि कुछ अंश अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।
थाने में ज्यादा पूछताछ से था परेशान
कुलदीप कुमार के खिलाफ करीब 10 महीने पहले रायपुररानी स्थित मौली चौकी में जमीन के विवाद में शिकायत दी गई थी।
रायपुररानी थाने में मामला भी दर्ज हुआ, लेकिन बार-बार हो रही पूछताछ के कारण वह खुद को तनावग्रस्त महसूस करने लगा और आखिरकार वीरवार को खुदकुशी करने का प्रयास किया। गोली लगने के बाद अभी वह गंभीर हालत में अलकेमिस्ट में उपचाराधीन है। कुलदीप कुमार के दो बच्चे हैं।
गोली चलाने से पहले चक्कर काटता रहा कुलदीप
सीआईए स्टाफ में तैनात हेड कांस्टेबल को कार नंबर एचआर 03 एल 3737(मांजा) साइड में खड़ी कर घूमने लगे। लेकिन खुद पर गोली चलाने से पहले वह कुछ देर के लिए पशोपेश में रहा। लेकिन 10-10.15 बजे के बीच जब स्टेडियम से तकरीबन लोग अपने अपने काम के लिए लौट चुके थे तो किसी को इस तरह की घटना का अंदेशा नहीं रहा। कर्मियों ने कार में अंदर जाने के समय के बारे में निश्चित जानकारी होने से इंकार किया।
पेड़ के आसपास दिखा खून
गोली लगने से जख्मी कुलदीप के शरीर से निकला खून पेड़ के निचले हिस्से में खून लगा दिखा। डॉक्टरों का भी कहना है कि ब्लीडिंग के कारण उपचार में थोड़ी दिक्कतें पेश आ रही हैं। चूंकि जख्म, मस्तिष्क के अंदरूनी हिस्से में भी है, इसलिए पूरी तरह ठीक होने में कुछ दिनों का वक्त लग सकता है।
नहीं लगे हैं स्टेडियम में सीसीटीवी कैमरे
ताऊ देवीलाल स्टेडियम में चूंकि सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं, इसलिए घटना के बारे में सुराग मिलने में पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। पहले भी स्टेडियम में ट्रैक को जलाए जाने की घटना हो चुकी है, लेकिन सुरक्षा के लिए जरूरी सीसीटीवी कैमरे नहीं होने से स्टेडियम की सुरक्षा को लेकर सवाल बना हुआ है।