इस शिकायत के आधार पर जांच करके अगवा हुए डेढ़ महीने बच्चे के दादा सकाई राम, दादी कृष्णा, राजिंदरा अस्पताल की अटेंडेंट सरोज बाला, ममता निवासी बरनाला, कमलेश निवासी मानसा, सीमा निवासी सहारनपुर और पंकज गोयल निवासी जेपी कालोनी संगरूर को गिरफ्तार थाना सिविल लाइन में केस दर्ज किया गया है।
एसएसपी ने बताया, किस तरह बिछा था जाल
एसएसपी सिद्धू ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पूछताछ से यह बात सामने आई है कि राजिंदरा अस्पताल में बच्चे के दादा सकाई राम की मुलाकात अटेंडेंट सरोज बाला साथ हुई थी। सरोज बाला ने सकाई राम को उसके पोते को बेचने की बात की। जिस पर सकाई राम की सहमति पर सरोज बाला ने जानकार ममता निवासी बरनाला को, ममता ने आगे अपनी सहेली कमलेश कौर निवासी मानसा को, कमलेश ने आगे अपनी दूर की रिश्तेदार ऊषा निवासी अमृतसर को बच्चे का खरीददार तलाशने के लिए कहा।
ऊषा ने अपनी सहेली सीमा निवासी सहारनपुर को, सीमा ने आगे अपनी सहेली बीबा निवासी देहरादून से बच्चे के खरीददार के बारे पूछा, तो बीबा ने अपने जानकार पंकज गोयल निवासी जेपी कालोनी संगरूर को बच्चे की जरूरत के बारे में सीमा को बताया। बाद में इन सभी ने सलाह मशविरा करके बच्चा बेचने की साजिश रची और बच्चे को बेचने के बदले पंकज गोयल से चार लाख रुपये लेकर उसे करीब डेढ़ महीने के बच्चे प्रिंस को बेच दिया गया। आरोपियों से एक लाख 94 हजार रुपये बरामद किए जा चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। जिनसे और खुलासे होने की उम्मीद है।