कम उम्र में करा रहे थे बिटिया की शादी
- फोटो : Demo Pic
पंजाब हरियाणा की राजधानी चंडीगढ़ में बाल विवाह! सुनने में अजीब लग सकता है, लेकिन यह सच है। हाईटेक दौर में समाज की सोच पर चोट करती यह खबर सिटी ब्यूटीफुल की गलियों से आई है। दाद देनी होगी बिटिया के साहस की, जिसने न केवल माता पिता के खिलाफ आवाज उठाई बल्कि घर की चहारदीवारी में रची जा रही साजिश को थाने की दहलीज तक ले आई। फिलहाल लड़की चाइल्ड हेल्पलाइन आशियाना की शरण में है। पुलिस ने माता पिता के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पुलिस के अनुसार सोमवार को एक 15 साल की लड़की बदहवास हालत में थाने पहुंची। लड़की ने बताया कि वह सेक्टर 56 में अपने माता पिता के साथ रहती है। उसके माता पिता जबरन उसकी शादी कराना चाहते हैं। जबकि वह अभी शादी नहीं करना चाहती। बार-बार मना करने के बावजूद उन्होंने शादी की तारीख तय कर दी। बच्ची की शादी माता-पिता ऐसे लड़के से कराना चाहते थे, जिसे उसने देखा तक नहीं। लड़की ने बताया कि कोई और रास्ता नहीं बचा तो उसने सोमवार सुबह घर छोड़ दिया।
इसके बाद शिकायत चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर पर दी। मौके पर पहुंची टीम को लड़की ने सारी बात बताई। हेल्पलाइन टीम की मदद से पुलिस ने संबंधित पलसौरा चौकी में शिकायत दी। लड़की ने बताया कि यदि वह घर से नहीं भागती तो एक दो दिन में उसके घरवाले शादी कर देते। बच्ची के बयान पर आरोपी माता पिता के खिलाफ केस दर्ज करके पुलिस ने बच्ची को आशियाना भिजवा दिया।
माता-पिता ने थाने में दी गुमशुदगी की रिपोर्ट
कम उम्र में करा रहे थे बिटिया की शादी
- फोटो : Demo Pic
हैरानी की बात है कि माता-पिता संबंधित पुलिस स्टेशन में अपनी बच्ची की गुमशुदगी दर्ज करवाने पहुंच गए। उन्होंने किसी लड़के पर शक जताकर आरोप लगाया। लेकिन इससे पहले चाइल्ड हेल्पलाइन की शरण में पहुंची बच्ची की शिकायत थाने में पहुंच चुकी थी।
सेक्टर-39 थाना प्रभारी राजदीप ने बताया कि मंगलवार को बच्ची के 164 के बयान दर्ज कराए जाएंगे। अभी तक की जांच के अनुसार माता पिता के खिलाफ डीडीआर दर्ज की गई है। क्योंकि साफ नहीं हो सका है कि बच्ची पर शादी के लिए किसने दबाव डाला था।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे मामले
चंडीगढ़ में बाल-विवाह के मामले पहले भी आ चुके हैं। कुछ 15 दिन पहले सेक्टर-26 थाने में बाल-विवाह करवाने की शिकायत पहुंची थी। पीड़ित नाबालिगा द्वारा शादी से इनकार के बाद परिजनों ने धमकाया और जोर जबरदस्ती शादी करवाने की कोशिश की, जिसकेबाद पीड़िता ने अपनी शिकायत संबंधित थाने में दर्ज करवाई।