जीरकपुर में दो प्लाट को तीन लोगों को बेचकर करोड़ों रुपये ठगने वाले विक्रमजीत सिंह समेत उसके परिजनों पर सेक्टर-34 थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
पुलिस दर्ज मामले में आरोपी विक्रमजीत सिंह को पूछताछ के लिए बुडै़ल जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लेकर आएगी। करीब एक महीने पहले ही चंडीगढ़ पुलिस ने विक्रमजीत सिंह को धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था।
सेक्टर-15 निवासी गोपाल कृष्ण ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 2012 में उसे जीरकपुर में प्लाट लेना था। रिश्तेदार की ओर से उसकी मुलाकात मनीमाजरा माडर्न कांप्लेक्स निवासी विक्रमजीत सिंह से मुलाकात हुई। उसने कहा कि वह जीरकपुर में दो प्लाट दिलवा देगा।
विक्रमीत ने उन्हें हेमंत कुमार से मिलवाया और कहा इसके 300-300 गज के दो प्लाट जीरकपुर में है। जीरकपुर में प्लाट देखने के बाद गोपाल कृष्ण प्लाट लेने के लिए राजी हो गए और उन्होंने विक्रमजीत, हेमंत व विक्रमजीत की मां सुदर्शना को उक्त प्लाटों के लिए 1 करोड 13 लाख रुपये दिए।
गोपाल केनाम जब रजिस्ट्री नहीं हुई तो उन्होंने विक्रमजीत से संपर्क किया तो वह बहाने बनाने लगा। जिसके बाद उन्होंने मामले की शिकायत पुलिस को दी। पुलि से विक्रमजीत समेत उसके परिजनों पर मामला दर्ज किया।
इस मामले में पकड़ा गया पहले
मोहाली निवासी अजीत सिंह संधू ने पुलिस को शिकयत दी थी कि आरोपी ने जीरकपुर स्थित एकेएस-1 कालोनी में प्लाट नंबर-55-56 उसे करोड़ों रुपयों के बेच दिए थे, लेकिन बाद में पता चला कि इस प्लाट का मालिक ही कोई ओर है। इसी के चलते पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया था।