दुराचारी कांस्टेबल गैंग मामले की नाबालिग पीड़िता ने सोमवार को अदालत को चार सीडी दीं। इन सीडी में एक आरोपी की लेडी कांस्टेबल पत्नी और संबंधियों की ओर पीड़िता पर दबाव बनाए जाने की रिकार्डिंग दर्ज होने का दावा किया गया है।
पीड़िता ने साथ ही हस्तलिखित अर्जी देकर कहा कि उसे इस मामले में इंसाफ दिया जाए। मामले की अगली सुनवाई 28 मार्च को होगी। इस सुनवाई पर पीड़िता की दीदी और सहेली की गवाही होनी है।
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश अंशु शुक्ला की अदालत में सोमवार को पीड़िता के वकील ब्रजेश्वर जसवाल ने अपील की कि यह आदेश जारी किए जाएं की जो सीडी सामने आई है वह सोशल साइट पर डाउनलोड न हो और ऐसा करने वालों पर कार्रवाई हो।
अदालत की ओर से सीडी की प्रति आरोपियों के वकील को भी मुहैया कर दी गई। पीड़िता की ओर से अपने बयान फिर दर्ज कराने की अर्जी पर बचाव पक्ष के वकीलों ने अपना जवाब दायर किया।
दुराचार और छेड़छाड़ के आरोपी पांच कांस्टेबलों के वकीलों ने कहा है कि पीड़िता को दुबारा से बयान दर्ज न किए जाएं। सोमवार को इंस्पेक्टर परवेश ने कांस्टेबलों की तैनाती की बारी में अपनी गवाही दर्ज कराई।
उसने कहा कि कांस्टेबल अक्षय, जगतार, हिम्मत, अनिल पीसीआर में और सुनील क्राइम ब्रांच में तैनात था। क्राइम ब्रांच इंचार्ज इंस्पेक्टर रणजोत ने अदालत में कहा कि कांस्टेबल सुनील को हथियार इश्यू कर रखा था। वहीं फोटोग्राफर संजीव ने बताया कि सभी केकमरे पर जाकर उसने फोटो खीची थी।
10 से दोपहर 3:30 बजे तक अदालत में रही पीड़िता
पीड़िता को लगता था कि सोमवार को अदालत में उसके बयान दर्ज होंगे। ऐसे में पीड़िता अदालत में सुबह दस बजे ही पहुंच गई थी।
पीड़िता के वकील का कहना है कि पीड़िता सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 3:30 बजे तक अदालत में ही रही। वकील का कहना है कि पीड़िता पर फिर से समझौते का दबाव बनाने के आसार है। ऐसे में पीड़ित परिवार को सुरक्षा मुहैया करवाई जानी चाहिए।