दुराचारी पुलिस गैंग मामले में पुलिस विभाग को पीड़िता द्वारा कंट्रोल रूम में किए गए फोन का रिकार्ड नहीं मिल पा रहा है।
दसवीं की पीड़ित छात्रा ने दावा किया गया था कि आरोपी अक्षय उसके पास उस समय पीसीआर में आया था जब उसके घर में मारपीट हुई थी।
उसने कंट्रोल रूम में फोन करके पुलिस को बुलाया था। एसआईटी की टीम को कंट्रोल रूम से चार कॉल का रिकार्ड मिला है।
इनमें से एक कॉल पीड़िता के पिता के नाम से दर्ज है और तीन काल का रिकार्ड वह मिला है जो पीड़िता के पड़ोसी की ओर से किए गए।
पुलिस के अनुसार पड़ोसी ने पीड़िता के पिता के साथ हुई बहस के बाद कंट्रोल रूम में फोन किया था।
स्कूल छोड़ने और लेने जाते थे
रिमांड के दौरान आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि सुनील और अक्षय एक ही कमरे में रहते हैं जबकि हिम्मत और जगतार एक साथ अलग कमरे में रहते हैं।
आरोपी अक्षय और सुनील ने यह भी बताया कि वह पीड़िता को कई बार स्कूल छोड़ने और वापस भी लेकर आए हैं।