दुराचारी पुलिस गैंग मामले में ट्रायल शुरू होने से पहले एसआईटी सीएफएसएल रिपोर्ट अदालत में पेश कर देगी।
एसआईटी ने रिपोर्ट 13 मार्च से पहले मांगी है। इससे पुलिस रिपोर्ट को ट्रायल से पहले कोर्ट में पेश कर सकेगी और गवाहों को बार-बार नहीं आना पड़ेगा। इससे जल्द न्याय मिलने में भी मदद मिलेगी।
सीएफएसएल ने इस मामले में आरोपी अक्षय और सुनील के अंडरगारमेंट्स और पीसीआर जिप्सी के सीट कवर जब्त किए थे।
लड़की ने आरोप लगाए थे कि सुनील, अक्षय ने कमरे और पीसीआर पर दुराचार की वारदात को अंजाम दिया था। दुराचार मामले में अक्षय, सुनील, जगतार, हिम्मत और अनिल के खिलाफ 13 मार्च को ट्रायल शुरू होगा।
ये है घटनाक्रम
- खुड्डा लाहौरा निवासी दसवीं कक्षा की छात्रा ने 19 दिसंबर 2013 को चंडीगढ़ पुलिस के पीसीआर और क्राइम ब्रांच में तैनात पांच कांस्टेबलों के खिलाफ दुराचार और छेड़छाड़ की शिकायत दी थी।
- इस पर पुलिस ने पांचों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया था।
- पांचों को नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया था।
- जांच के लिए पुलिस विभाग ने डीएसपी कमला मीणा के नेतृत्व में एसआईटी बनाई थी।
- एसआईटी ने 21 फरवरी को पांचों के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दायर की थी।
- मामले में छह मार्च को आरोप तय हुए थे।