बखौफ झपटमार रोजाना शहर की महिलाओं को अपना निशाना बना रहे हैं और पुलिस है कि हाथ पर हाथ धरे बैठी है। झपटमारों को पकड़ना तो दूर पुलिस उनका सुराग तक नहीं लगा पा रही। करीब तीन सप्ताह से झपटमार शहर की महिलाओं, युवतियों और बुजुर्गों को निशाना बना रहे हैं लेकिन पुलिस केस दर्ज करने के अलावा और कुछ नहीं कर रही। सोमवार के बाद मंगलवार को भी बाइक सवार बदमाशों ने एक बुजुर्ग महिला के गले से सोने की चेन तोड़ ली और भाग निकले। वारदात सेक्टर-44 के एक मकान में हुई।
मोटरसाइकिल सवार झपटमारों ने सेक्टर-44 के मकान नंबर-1249 के बरामदे में बैठीं 67 वर्षीय प्रोमिला को अपना निशाना बनाया। वह मंगलवार दोपहर करीब ढाई बजे बरामदे में बैठकर धूप सेंक रहीं थीं। इसी दौरान काले रंग की बाइक पर सवार दो झपटमार उनके घर के बाहर पहुंचे। मोटरसाइकिल पर पीछे बैठा युवक नीचे उतरकर प्रोमिला के पास पहुंचा और उनके गले पर जोरदार तरीके से हाथ मारकर उनकी सोने की चेन तोड़ ली।
इस दौरान छीनाझपटी में प्रोमिला के गले पर चोट आ गई और वह असहाय हालत में लड़खड़ा कर रह गईं लेकिन आसपास किसी अन्य के नहीं होने के चलते कोई उनकी मदद नहीं कर सका। वारदात के बाद झपटमार मोटरसाइकिल पर बैठकर तेजरफ्तार से भाग निकले। प्रोमिला के परिवार ने पुलिस को वारदात की सूचना दी। बता दें कि मोटरसाइकिल सवार दो झपटमार ने बीते सोमवार को दोपहर में ही सेक्टर-32 में अपने मकान नंबर-210 के पास खड़ीं 69 वर्षीय एक बुजुर्ग महिला के गले से पांच तोले सोने की चेन तोड़ ली थी।
इस संबंध में थाना-34 के एसएचओ इंस्पेक्टर अजय सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंच कर पहले प्रोमिला की तबीयत जानी और फिर उनसे पूछताछ की। शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात झपटमारों के खिलाफ केस दर्ज कर उनका पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं।
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए झपटमार
सीसीटीवी फुटेज में कैद हुए झपटमार
झपटमारों ने जिस जगह वारदात की, वहीं पास में पुलिस को दो सीसीटीवी कैमरे लगे मिले। उनकी जांच करने में पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में झपटमारी करते मोटरसाइकिल सवार नजर आए। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर पहले हुई वारदातों से उसका मिलान किया ताकि पता लग पाता कि पहले की वारदातें भी इन्हीं झपटमारों ने की हैं या फिर शहर में अलग-अलग गैंग सक्रिय है।
पीसीआर, क्राइम ब्रांच व अन्य यूनिट विफल
झपटमार बीते तीन सप्ताह से वारदातें करने में जुटे हैं लेकिन यूटी पुलिस की पीसीआर यूनिट से लेकर क्राइम ब्रांच व चीता स्क्वॉयड तक की टीमें इन्हें दबोचने में फेल साबित हो रही हैं। विभाग की अन्य स्पेशल यूनिट्स के हाथ भी खाली हैं। अचरज की बात यह है कि शहरवासी महिलाएं, युवतियां व बुजुर्गों में भय का माहौल है लेकिन यूटी पुलिस बेबस नजर आ रही है।