सहवाग के भाई ने ली थी जमानत
पहले तो लोअर कोर्ट ने विनोद सहवाग समेत तीनों आरोपियों को बतौर आरोपी पेश होने के लिए समन किए थे, लेकिन इसके बावजूद वे कोर्ट नहीं पहुंचे। इस पर कोर्ट ने उनके बेलेबल और फिर नॉन बेलेबल वॉरेंट ऑफ अरेस्ट इश्यू किए। इसके बाद भी जब वे कोर्ट नहीं पहुंचे तो उनके खिलाफ भगौड़ा करार दिए जाने की प्रक्रिया (पीओ प्रोसिडिंग) शुरू कर दी गई। फिर 22 जुलाई 2019 को विनोद सहवाग कोर्ट पहुंचे और उन्हें 2 लाख रुपये की श्योरिटी पर जमानत दी गई थी। इसके बाद उन्होंने अक्टूबर 2019 को समनिंग ऑर्डर को सेशंस कोर्ट में चैलेंज किया।