चंडीगढ़ में धनास निवासी एक व्यक्ति को डबल चपत लगी। पहले उसका पर्स खो गया, फिर एटीएम से 16 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने वारदात की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी। शिकायत स्माल फ्लैट्स धनास निवासी जय सिंह ने दर्ज करवाई।
उन्होंने बताया कि शनिवार दोपहर जब घर पहुंचे तो जेब से पर्स ही गायब था। इसके बाद उन्होंने घर में जांच किया। बाद में उन्होंने रास्ते में उसे ढूंढा, पर पर्स वापस नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने इसकी सूचना चौकी पुलिस को दी। लेकिन, बैंक बंद होने की वजह से एटीएम की शिकायत संबंधित बैंक को नहीं दे पाए।
पीड़ित के अनुसार पर्स में एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य दस्तावेज सहित कुछ कैश भी था। शिकायतकर्ता ने बताया कि रविवार सुबह उसके अकाउंट से पैसे निकलने का दो मैसेज आए। इन दो बार में साढे़ सोलह हजार रुपये एटीएम से निकाल लिए गए हैं।
एटीएम फ्राड से शहरवासी परेशान
चंडीगढ़ में एटीएम से लोगों को चूना लगाने की वारदात रोजाना हो रही है। किसी न किसी तरह से शहर में सक्रिय साइबर अपराधी वारदात को अंजाम देकर निकल जाते है।
साइबर सेल नाकाम
चंडीगढ़ पुलिस की साइबर सेल विभाग साइबर क्राइम को सुलझाने में पूरी तरह से नाकाम रही है। साइबर टीम द्वारा किसी मामलों में मुख्य अपराधियों को नहीं पकड़े जाने की वजह से साइबर क्राइम तेजी से बढ़ा है। वहीं, साइबर सेल चार मामलों को सुलझाकर खुद वाहवाही लूटने में लगी है। जबकि, अगस्त 2015 में आईजी आर पी उपाध्याय ने खुद कहा था कि इस साल साइबर क्राइम के मामले पिछले साल की तुलना में छह महीने में दोगुना बढ़ा है।
स्टाफ की कमी का बहाना
चंडीगढ़ के आला अधिकारी सहित साइबर सेल के अधिकारी केस न सुलझने के नाम पर स्टाफ की कमी बताकर बचते नजर आते है। साइबर सेल के अनुसार स्टाफ सहित कुछ आधुनिक यंत्रों की आवश्यकता है। वहीं, आईजी आरपी उपाध्याय का कहना है कि अत्य आधुनिक यंत्रों के लिए लेटर लिखा गया है। जबकि, स्टाफ बढ़ाने की प्रक्रिया चल रही है।