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बोर्ड करवा रहा जांच, लाखों के जुर्माने की राशि से CHB अलाटियों में हड़कंप

Mon, 27 Feb 2017 09:26 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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chandigarh housing board - फोटो : File Photo
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 जब से सीएचबी ने वायलेशन वाले मकानों की पैमाइश करके मौखिक तौर पर जुर्माने की राशि बतानी शुरू कर दी है। कई सेक्टरों के हाउसिंग बोर्ड में रहने वाले अलाटियों में हड़कंप मच गया है ै। अभी सीएचबी की ओर से उन मकानों की पैमाइश की जा रही है जिन्हें पहले ही हाउसिंग बोर्ड खारिज करने का नोटिस भेज चुका है और उनके अपील की सुनवाई सीएचबी में चल रही है।
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जिन मकानों में काफी वायलेशन है, उनको सीएचबी पहले ही अलाटमेंट कैंसिल के नोटिस भेज चुका है। शहर में ऐसे करीब एक हजार  से ज्यादा मकान होंगे। सीएचबी के इस सर्वे से सेक्टर-45, मनीमाजरा और 29 बी की ईडब्लयूएस के मकानों में रहने वालों में हड़कंप मचा हुआ है। यहां के चुनिंदा मकानों की पैमाइश करके उन्हें मौखिक तौर पर जुर्माना भी बता गए हैं। सेक्टर-29 बी में एक दर्जन से ज्यादा अलॉटियों को जुर्माने की राशि बता दी गई है। यहां के एक ईडब्ल्यूएस के मकान (दो कमरे) में वायलेशन का जुर्माना ढाई से तीन लाख रुपये बताया गया है।

मालूम हो कि हाउसिंग बोर्ड ने वायलेशन पर पिछले दिनों 500 रुपये प्रति वर्ग फुट जुर्माना लगाने का प्रस्ताव बनाया था, लेकिन अभी उस प्रस्ताव पर बोर्ड ने मोहर नहीं लगाई है।
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वायलेशन नहीं जरूरत के मुताबिक बदलाव: सुभाष

सीएचबी - फोटो : DEMO Pics
सीएचबी रेजिडेंट्स फेडरेशन के प्रवक्ता रजत मल्होत्रा का कहना है कि हाउसिंग बोर्ड तो पूरे शहर के मकानों की वायलेशन का सर्वे करवाकर जरूरत के अनुसार बदलाव की मंजूरी देकर राहत देने की बात रहा था और अब बोर्ड चुनिंंदा मकानों का सर्वे करके उनका जुर्माना कैलकुलेट करके बता रहा है जो कि गलत बात है। इसके खिलाफ आवाज उठाई जाएगी। बोर्ड के सदस्य प्रेम कौशिक का कहना है कि अभी जुर्माना लगाने के प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं हुआ है। पूरे शहर का जो सर्वे किया गया है उसकी रिपोर्ट अगली बैठक में चर्चा के लिए आएगी।

वायलेशन नहीं जरूरत के मुताबिक बदलाव: सुभाष
सेक्टर-29 बी की सीएचबी रेजिडेंट्स वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष चंद गुप्ता का कहना है कि जिसे बोर्ड वायलेशन कह रहा है असल में वह जरूरत के अनुसार बदलाव है। उनकी कालोनी में हाउसिंग बोर्ड के कर्मचारी कुछ मकानों की पैमाइश करके जुर्माने की राशि दो से तीन लाख रुपये बता गए हैं। इससे लोगों में हड़कंप मच गया है। इतना भारी जुर्माना कोई भी नहीं दे सकता। इन अलॉटियों की 28 फरवरी को बोर्ड में सुनवाई है।
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