पब्लिक टॉयलेट के रखरखाव में करोड़ो रुपये के घोटाले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने सोमवार को 2007 में तैनात नगर निगम के चीफ इंजीनियर एसके बंसल, एग्जीक्यूटिव इंजीनियर, सुपरिटेंडेंट इंजीनियर, अन्य और एमएस सेलवेल मीडिया सर्विसेज कंपनी के खिलाफ पीई (प्रिलमनरी इंक्वॉयरी) दर्ज कर ली है।
प्राथमिक जांच में पता चला है कि नगर निगम ने टेंडर अलॉट करते वक्त कंपनी से न तो जरूरी लाइसेंस फीस ली गई और न ही विज्ञापन शुल्क।
नगर निगम के अफसरों ने कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए नियमों को बदला और कंपनी को टेंडर अलार्ट किया था।
पीई दर्ज करते ही सीबीआई ने नगर निगम और कंपनी केबीच हुए अनुबंध से संबंधित रिकार्ड सेक्टर-17 बस स्टैड में बने नगर निगम के पब्लिक हेल्थ की डिविजन नं. चार में, दूसरी टीम सेक्टर-35 स्थ्ति एमएस सेलवेल मीडिया सर्विसेज कंपनी में और तीसरी टीम ने कंपनी के दिल्ली आफिस से रिकार्ड जब्त किया।
नगर निगम के पब्लिक हेल्थ डिवीजन के एक्सईन गुरप्रीत सिंह से भी रिकार्ड के बारे में पूछताछ की। पूछताछ के दौरान पब्लिक हेल्थ डिवीजन केदफ्तर के गेट बंद कर दिए गए थे।
सीबीआई ने 2007 में पब्लिक टॉयलेट के लिए टेंडर से जुड़ा सारा रिकार्ड जब्त किया। यही नहीं टेंडर देने से पहले जिन-जिन कंपनियों ने टेंडर अप्लाई किया था उनका रिकार्ड भी कब्जे में लिया है।
सीबीआई के एसपी विनित ब्रिजलाल ने बताया कि पब्लिक टॉयलेट की मरम्मत को लेकर हुए घोटाले की शिकायत पर सीबीआई को मिली थी। सीबीआई ने नगर निगम के अफसरों और कंपनी पर पीई दर्ज कर रिकार्ड जब्त कर लिया है। सीबीआई मामले की जांच करने में लगी हुई है।