जिला अदालत में दोषी आरसी मीना।
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चंडीगढ़ के बहुचर्चित 40 लाख रुपये की रिश्वत के मामले में यूटी पुलिस के डीएसपी आरसी मीणा व केएलजी होटल के मालिक अमन ग्रोवर को सीबीआई की स्पेशल कोर्ट दोषी करार दिया है। मामले में दो अन्य आरोपी एसआई सुरेंद्र और बर्कले कंपनी के मालिक संजय दहूजा भी थे। बाद में संजय दहूजा को सरकारी गवाह बना दिया गया। वहीं अदालत की तरफ से दोषी करार दिए जाने के तुरंत बाद पुलिस ने दोनों दोषियों को हिरासत में ले लिया है। दोनों दोषी जमानत पर थे। दोषियों की सजा पर शनिवार को फैसला सुनाया जाएगा।
इस मामले में अदालत ने वीरवार को सभी पक्षों की गवाही बंद कर दी थी और शुक्रवार के लिए फैसला सुरक्षित रख लिया था। इस मामले में डीएसपी मीणा सहित कुल चार आरोपी हैं, जिनपर कोर्ट फैसला सुनाएगी।
आरोपी मीणा वर्ष 2014-15 में इस रिश्वतकांड में फंसने के समय चंडीगढ़ की आर्थिक अपराध शाखा में डीएसपी के पद पर तैनात थे। उनके खिलाफ मामले में इंस्पेक्टर जसविंद्र और चरणजीत को बाद में सीबीआई ने डीएसपी के खिलाफ सरकारी गवाह बना दिया था।
मामले में शिकायतकर्ता गुरकीरत चावला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि डीएसपी ने उनके पिता जीएस चावला और उनके रिश्तेदारों को गिरफ्तार नहीं करने के बदले दाहुजा के माध्यम से पैसों की मांग की थी। शिकायतकर्ता के पिता मोहाली में एक पेट्रोल पंप के मालिक हैं और उनके रिश्तेदारों के खिलाफ 2011 के एक जालसाजी मामले में मामला दर्ज है। शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120-बी और भ्रष्टाचार निरोधक कानून-1988 की धारा 8 के तहत मामला दर्ज किया गया है।