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ऑनर किलिंग के केस में कोर्ट का अहम फैसला, मां-बाप और भाई को उम्रकैद

Thu, 11 Aug 2016 09:44 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक
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honor killing case rohtak - फोटो : file photo
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रोहतक के गांव गरनावठी ऑनर किलिंग मामले में जिला अदालत ने लड़की के मां-बाप और उसके भाई को उम्रकैद की सजा सुनाई है। साल 2013 के प्रदेश के बहुचर्चित मामले में अदालत ने दोषियों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना नहीं भरने पर उन्हें अतिरिक्त कैद भुगतनी होगी। अदालत ने तीनों को मंगलवार को दोषी करार दिया था।
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आरोपी पक्ष के वकील ने कहा कि अदालत के फैसले को वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में चुनौती देंगे। बुधवार को अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश नरिन्द्र कौर की अदालत ने दोषी पिता नरेंद्र, उसकी पत्नी रिटा और बेटे सनी को आईपीसी की धारा 302 हत्या एवं 120 बी साजिश में शामिल होने के तहत उम्रकैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

इसके अलावा कोर्ट ने धारा 201 सबूत खुर्द-बुर्द करना में दोषी मानते हुए तीनों को सात साल कैद और 10 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। सभी सजाएं साथ साथ चलेंगी। मंगलवार को कोर्ट ने मामले में लड़की के चाचा रविंद्र, चालक महेश और पंच राजेश को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया था। 
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सिर कटी लाश को उसके घर के बाहर फेंक दिया

honor killing case rohtak - फोटो : file photo
बता दें कि सितंबर 2013 में कलानौर थाने के गांव गरनावठी में घर से लापता प्रेमी जोड़े (धर्मेंद्र और निधि) को गांव में लाकर सरेआम मौत के घाट उतार दिया गया था। हत्या के बाद युवक की सिर कटी लाश को उसके घर के बाहर फेंक दिया और लड़की का गुपचुप तरीके से अंतिम संस्कार किया जा रहा था। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने युवक की लाश को कब्जे में लिया था।

साथ ही श्मशान घाट पहुंचकर लड़की की अधजली लाश को चिता से उठाया था। पुलिस ने लड़की के मां-बाप और भाई समेत अन्य पर हत्या का केस दर्ज किया था। आरोपियों ने प्रेमी जोड़े को दिल्ली से गांव में लाकर हत्याकांड को अंजाम दिया था। इस बारे में उनके घर वालों को पता था। दोनों एक ही जाति से ताल्लुक रखते थे। लड़का दसवीं क्लास तक पढ़ाई करने के बाद गांव में घर वालों के साथ खेती करता था और लड़की रोहतक में ड्राइंग टीचर का कोर्स कर रही थी।

वर्जन
अभी फैसले की कॉपी नहीं मिली है। कोर्ट के फैसले का अवलोकन करने के बाद हाईकोर्ट में फैसले को चुनौती दी जाएगी। हाईकोर्ट में 30 दिन के अंदर अपील कर दी जाएगी। 
- जेके गक्खड़ आरोपी पक्ष के वकील
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