पंचकूला के सेक्टर 12 के रहने वाले कृष्ण मोहन ने निगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स (एनआई) अधिनियम की धारा 138 के तहत अदालत में शिकायत दर्ज की थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि आरोपी उसकी बद्दी स्थित नैना प्लास्टिक फैक्टरी से प्लास्टिक की बोतल खरीदते थे। इसके चलते आरोपियों की कंपनी और उनके बीच पैसों का लेनदेन होता था।
आरोपियों की कंपनी जाल्टा फैक्टरी ने उनकी नैना प्लास्टिक को पैसे का भुगतान चेक से किया। मगर जब चंडीगढ़ के मनीमाजरा स्थित बैंक में चेक लगाया तो वह बाउंस हो गया। इसके बाद नैना प्लास्टिक के मालिक ने कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
सुनवाई के दौरान आरोपी अदालत में पेश नहीं हुए। इसके बाद जुलाई 2022 में उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया गया। इसके बाद भी आरोपियों के खिलाफ मनीमाजरा पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया। वहीं नैना प्लास्टिक के मालिक ने हाईकोर्ट की शरण ली। इसके बाद पुलिस को हाईकोर्ट में जवाब देना है।
इस बीच सीनियर अफसरों ने आठ दिन पहले मनीमाजरा थाना प्रभारी को तीनों के खिलाफ आईपीसी की धारा- 174-ए के तहत केस दर्ज करने का आदेश दिया लेकिन उन्होंने केस दर्ज नहीं किया। इसके बाद चंडीगढ़ की एसएसपी ने मनीमाजरा के थाना प्रभारी नीरज सरना को लाइन हाजिर कर दिया। बाद में मनीमाजरा पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।