पार्षद सतीश कैंथ को जेल ले जाती पुलिस
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हल्लोमाजरा में विधवा का प्लॉट कब्जाने के मामले में वीरवार को आरोपी भाजपा पार्षद सतीश कैंथ को पुलिस ने रिमांड अवधि समाप्त होने पर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने कैंथ का कोर्ट में और रिमांड नहीं मांगा। इस पर अदालत ने कैंथ को 23 जून तक के लिए न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। वहीं पुलिस मामले में सहआरोपी कैंथ की पत्नी जसवंत कौर और उनके पिता सोहन लाल को अब तक गिरफ्तार नहीं कर पाई है।
बुधवार को पुलिस ने कैंथ का एक दिन का रिमांड समाप्त होने पर एक दिन का और रिमांड लिया था। पुलिस का कहना था कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहा है। वह न तो फरार सहआरोपियों के बारे में जानकारी दे रहा है और न ही अन्य दस्तावेज के बारे में कोई जानकारी दे रहा है।
पुलिस ने अदालत को बताया था कि आरोपी भाजपा काउंसलर ने पटवारी या अन्य सरकारी कर्मचारी की मदद से जमाबंदी में छेड़छाड़ की है। हालांकि पुलिस को उसने किसी का नाम नहीं बताया, लेकिन पुलिस इसकी भी जांच कर रही है।
पुलिस ने घर में दो बार की रेड
सूत्रों के अनुसार कैंथ ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी और पिता शायद घर पर ही हो सकते हैं। इस आधार पर पुलिस ने दो बार अलग-अलग समय पर घर पर रेड की, लेकिन कोई नहीं मिला। पुलिस को अंदेशा है कि दोनों शायद शहर में नहीं हैं।
पटवारी का पता लगा रही पुलिस
पूछताछ में कैंथ ने बताया कि उसके पास जमीन के 133/2 के कागजात नहीं है। उसने जब जमाबंदी निकलवाई थी, उस समय जो पटवारी था उसे उसका नाम याद नहीं है। ऐसे में अब पुलिस उस पटवारी या सरकारी कर्मचारी का पता लग रही है, जिसने जमाबंदी में छेड़छाड़ की।