फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कैंसर का इलाज दाना समझकर कर किया, महिला की मौत

Wed, 15 Mar 2017 01:02 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
उपभोक्ता आयोग - फोटो : DEMO Pics
विज्ञापन
आयुर्वेदिक डिग्री धारक डाक्टर ने ब्रेस्ट कैंसर के लक्षण को एक साधारण सा दाना समझकर महिला का गलत इलाज कर दिया। इससे उसकी हालत बिगड़ती गई। बाद में उसने आईवीआई हास्पिटल में दम तोड़ दिया। उपभोक्ता फोरम ने डा. कंवलजीत को इलाज में कोताही और लापरवाही का दोषी पाया है। साथ ही शिकायतकर्ता को 15 लाख रुपये मुआवजा देने को कहा है। डा. कंवलजीत रामदरबार में सुप्रीम डायग्नोस्टिक सेंटर चलाते हैं। उनके पास बीएएमएस की डिग्री के साथ अल्टरनेटिव मेडिसिन की डिग्री है। इसके तहत वे किसी की सर्जरी या एलोपैथिक पद्धति से इलाज नहीं कर सकते। उपभोक्ता फोरम में डा. कंवलजीत सिंह ने अपना पक्ष रखकर कहा कि उन्होंने कोई भी कोताही नहीं बरती।
विज्ञापन
विज्ञापन

यूटी प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

कोर्ट, कंज्यूमर फोरम - फोटो : फाइल फोटो
यह था मामला ः 
यह मामला मई  2012 का है। शिकायतकर्ता सेक्टर 29 निवासी प्रीतम सिंह के मुताबिक उनकी पत्नी के ब्रेस्ट में दाना निकल आया। पत्नी को वे रामदरबार स्थित सुप्रीम डायग्नोस्टिक सेंटर चलाने वाले आयुर्वेदिक डाक्टर  कंवलजीत के पास ले गए। डाक्टर ने जांच करने के बाद बताया कि पसीने के कारण दाना निकल आया है। कुछ दवाएं लिखीं, लेकिन राहत नहीं मिली बल्कि दाना और बढ़ गया। डाक्टर कंवलजीत ने कट लगाकर उसकी सर्जरी कर दी। इसके एवज में पांच हजार रुपये फीस भी वसूल ली। इसके बावजूद महिला को आराम नहीं मिला। दर्द बढ़ने पर महिला को सेक्टर 34 के मुकुट हास्पिटल ले जाया गया। शुरुआती जांच में ब्रेस्ट कैंसर मिला। हालत बिगड़ने पर उसे आईवीवाई अस्पताल मोहाली में रेफर कर दिया। 31 अक्तूबर 2012 को उनकी मौत हो गई। मुआवजे के अलावा कंसलटेशन और अन्य चार्ज वसूलने पर 40 हजार रुपये भी अदा करना होगा।
 यूटी प्रशासन को कड़ी कार्रवाई के निर्देश ः  उपभोक्ता फोरम ने आदेश की प्रति डायरेक्टर हेल्थ सर्विसेज यूटी चंडीगढ़ को भी भेजने का निर्देश दिया है ताकि डॉ कंवलजीत सिंह पर सही एक्शन लिया जा सके जिन्होंने अनएथिकल प्रैक्टिस किया। साथ ही एलोपैथिक दवाइयां प्रेस्क्राइब कीं। फीस और दवाईयों का मेडिकल रिकार्ड भी मेनटेन नहीं किया। उपभोक्ता फोरम ने प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह ऐसे सभी डाक्टरों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें