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सेक्स स्कैंडल से जुड़े केबल ऑपरेटर सुसाइड के तार

Wed, 01 Apr 2015 06:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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फास्टे वे के केबल ऑपरेटर जसविंदर की सुसाइड के तार अमृतसर सेक्स स्कैंडल से जुड़े होने की बात सामने आई है। पंजाब कांग्रेस प्रवक्ता सुखपाल खैरा ने कहा है कि सीबीआई ने अमृतसर सेक्स स्कैंडल के गवाहों को सुरक्षा देने को कहा था। उस लिस्ट में जसविंदर सिंह का भी नाम था, जिसने सुसाइड किया है। फिर भी अमृतसर पुलिस ने उनके बजाय मुख्य आरोपी सरबजीत सिंह राजू को ही सुरक्षा दे दी।
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खैरा ने सीबीआई के ज्वाइंट डायरेक्टर एम नारायणन की ओर से दिसंबर 2008 में अमृतसर के एसएसपी कुंवर विजय प्रताप सिंह को लिखे पत्र दिखाए। जिनमें लिखा है कि अमृतसर सेक्स स्कैंडल का ट्रायल जारी है। इसके गवाहों को धमकाया जा रहा है, झूठे परचे दर्ज किए जा रहे हैं। कई गवाह दबाव में बयान से मुकर चुके हैं। इस बात का ध्यान रखा जाए कि सरबजीत सिंह राजू जैसे ताकतवर आरोपी के दबाव में गवाहों पर झूठे केस न दर्ज हों। गवाहों को सुरक्षा मुहैया कराई जाए।

खैरा ने कहा कि इसके बावजूद पंजाब पुलिस ने गवाहों को सुरक्षा नहीं दी। मुख्य आरोपी सरबजीत राजू को सुरक्षा दी गई है। जसविंदर ने सुसाइड नहीं किया, इसे कत्ल कहना चाहिए, क्योंकि उसे मजबूर किया गया। हद तो यह है कि पुलिस ने जसविंदर के सुसाइड नोट या उसकी पत्नी के बयान पर परचा दर्ज नहीं किया। बल्कि अपने सूत्रों के आधार पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
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खैरा का आरोप, खुदकुशी के पीछे बड़ा नेक्सस

खैरा ने आरोप लगाया कि इसके पीछे बहुत बड़ा नेक्सस है। सरबजीत राजू और फास्टवे के मालिक गुरदीप सिंह जुझार को सरकार का आशीर्वाद प्राप्त है। 2007 में शिअद सरकार बनने के बाद से गवाहों पर दबाव डालने का सिलसिला शुरू हुआ था।

जसविंदर भी पहले पलट गया था, पर उसने दोबारा बयान देने को अर्जी दी थी। इसी सरकार के कार्यकाल में फास्टवे ने पंजाब के केबल नेटवर्क पर लगभग एकाधिकार प्राप्त किया।

उन्होंने कहा कि जजों की मौजूदगी में जसविंदर ने जहर निगला, न्यायपालिका को इस पर संज्ञान लेना चाहिए था। खैरा ने मांग की कि इस केस की समयबद्ध सीबीआई जांच कराई जाए। ताकि पुलिस का सियासीकरण भी सामने आ सके। वह बुधवार को जसविंदर की पत्नी से मिलने जाएंगे। स्थानीय लोगों से सलाह केबाद अगला एक्शन तय करेंगे।

आरोपियों को न दिया जाए सियासी संरक्षण 

कैप्टन अमरिंदर सिंह ने केबल आपरेटर जसविदर सिंह जस्सी की आत्महत्या के लिए आरोपियों को सियासी संरक्षण दिए जाने विरुद्ध चेतावनी दी है। उन्होंने आरोपियों को गिरफ्तार किए जाने मांग की है। कैप्टन ने कहा है कि आरोपी सत्ताधारी पार्टी से संबंधित हैं। पीड़ित को इस हद तक तंग व परेशान किया गया कि उसने जान दे दी।

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की शह पर चलने वाले फास्ट वे केबल की कार्यप्रणाली पहले से सवालों के घेरे में रही है और अब विरोध की आशंका में इन्होंने केबल आपरेटरों को प्रताड़ित करना शुरू कर दिया है। कैप्टन ने चेतावनी देते हुए कहा कि 2017 ज्यादा दूर नहीं है, जब कांग्रेस सत्ता में आएगी और सुनिश्चित करेगी कि प्रत्येक आरोपी को उसके गुनाहों की सजा मिले।

उन्होंने पुलिस सेमामले की बिना किसी डर या पक्षपात से जांच करने के लिए कहा है। इससे अलावा उन्होंने कहा है कि आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।

गौरतलब है कि जस्सी ने बीती 28 मार्च को यहां के एक होटल में आयोजित कांफ्रेंस के दौरान सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के जजों के सामने जहरीला पदार्थ निगल लिया था। जस्सी की इलाज के दौरान निजी अस्पताल में मौत हो गई थी।
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आरोपियों की गिरफ्तारी को परिजनों ने निकाला मार्च

केबल माफिया से पीड़ित जजों के सामने जहर निगल कर आत्महत्या करने वाले केबल आपरेटर जसविंदर सिंह जस्सी मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर लोगों ने परिजनों के साथ कैंडल मार्च आयोजित किया। प्रभावित परिवार और लोगों ने हाल गेट के बाहर एक रोष प्रदर्शन कर यातायात रोका। इसके बाद प्रदर्शनकारी मार्च करते हुए जलियांवाला बाग तक गए।

डीसीपी परमपाल सिंह ने जस्सी की पत्नी हरविंदर कौर को आश्वासन दिया कि आरोपियों को पुलिस जल्दी गिरफ्तार कर लेगी। बलबीर कौर ने बताया कि आरोपियों के पंजाब के उप मुख्यमंत्री के साथ नजदीकी है। इसलिए पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर रही है। आरोपी खुलेआम घूम रहे है। आरोपी पहले भी कीई मामलों में में शामिल है।

इस अवसर पर मृतक के मां जोगिंदर कौर,पुत्र प्रभजोत सिंह, पुत्री सिमरप्रीत कौर कांग्रेस के नेता गुरजीत सिंह औजला समेत भारी संख्या में शहर के लोग भी मौजूद थे।
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