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फिरोजपुरः व्यापारी की हत्या से पहले रिकॉर्ड की आवाज सुनाकर मांगी एक करोड़ फिरौती, 4 गिरफ्तार

Tue, 23 Apr 2019 10:55 AM IST
खुशबू गोयल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जलालाबाद (फिरोजपुर)
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सुमन मुटनेजा
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पेस्टिसाइड एंड फर्टिलाइजर व्यापारी सुमन मुटनेजा की हत्या करने से पहले आरोपियों ने आवाज रिकॉर्ड की और उसे सुनाकर एक करोड़ की फिरौती मांगी थी। मामले में पुलिस ने छह आरोपियों में से चार को पकड़ने का दावा किया है। आरोपियों ने हत्या करने से पहले व्यापारी की आवाज रिकार्ड कर ली थी। इसे सुनाकर ही वे उनके परिजनों से एक करोड़ की फिरौती मांग रहे थे।
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पुलिस अब दो अन्य आरोपियों की तलाश में छापामारी कर रही है। आईजी एमएस छीना व फाजिल्का के एसएसपी दीपक हिलोरी ने बताया कि मुटनेजा को अगवा करके हत्या करने की योजना आरोपी अमनदीप सिंह उर्फ सन्नी पुत्र अमरीक सिंह निवासी चक्क अरनीवाला, हाल नई कालोनी मन्निया वाला रोड जलालाबाद ने बनाई थी। सन्नी ने मुटनेजा के लगभग चार लाख रुपये देने थे।

सन्नी ने योजना को अंजाम देने के लिए अपने पांच साथियों की मदद ली। सन्नी पर हेरोइन तस्करी व दो धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं।

कुछ ऐसी थी आरोपियों की प्लानिंग

सन्नी और उसके साथियों ने प्लानिंग के मुताबिक, वीरवार को स्विफ्ट डिजायर कार जलालाबाद फिरोजपुर रोड पर लक्कड़ के आरे के पास खड़ी करके उसका बोनट उठा दिया। जब मुटनेजा अपनी कार में उनके पास से निकलने लगे तो उन्होंने हाथ देकर रोक लिया और कहा कि उनकी कार खराब है। लिफ्ट मांगते हुए वे मुटनेजा की कार में बैठ गए और उन्हें बंधक बना लिया।

आईजी ने बताया कि आरोपियों ने उनकी हत्या करके कार और लाश हाथ-पांव बांध कर गंग नहर में फेंक दी थी। हत्या करने से पहले उन्होंने मुटनेजा की आवाज रिकॉर्ड कर ली थी। इसके बाद आरोपी राजस्थान के हिंदूमलकोट चले गए और यहीं से आरोपियों ने मुटनेजा के परिजनों को उसी के मोबाइल फोन से कॉल की और रिकॉर्ड आवाज मुटनेजा के बेटे अभिनंदन को सुनाई।

रिकॉर्डिंग में मुटनेजा कह रहे हैं कि मैं ठीक हूं, ये जो मांगते हैं, इन्हें दे दो। फिर आरोपियों ने एक करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। वहां पर उन्होंने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए। इसके बाद आरोपी पदमपुर (राजस्थान) चले गए, जहां सन्नी के रिश्तेदार रहते हैं। चार दिन तक आरोपी वहां रहे। जब आरोपियों को एक करोड़ नहीं मिले तो दोबारा कॉल करके 50 लाख रुपये और फिर 35 लाख रुपये मांगे।

आरोपियों ने अपनी कार पदमपुर में ही छोड़ दी और चालक से कहा कि यदि फिरौती का पैसा मिल गया तो टेलीफोन करेंगे। इसके बाद उनकी कार फूंक देना, ताकि सुबूत खत्म हो जाए। इसके बाद आरोपी पदमपुर से बस पर सवार होकर तरनतारन पहुंच गए।

पहले कार मिली और फिर लाश

आईजी ने बताया कि इसी दौरान मुटनेजा की कार 20 अप्रैल को गांव खुडंज से गुजरती गंग नहर में मिली। 21 अप्रैल को उनकी लाश गांव बोदीवाला पित्था पुल गंग नहर में मिली। वहीं तरनतारन से भी आरोपियों ने मुटनेजा का मोबाइल सिम कार्ड नए मोबाइल फोन में डालकर उनके परिजनों को कॉल की। इसके बाद वे मलोट और फिर मुक्तसर पहुंच गए।

पुलिस ने मोबाइल ट्रैक करके सन्नी समेत चार लोगों दविंदर सिंह उर्फ दीपू निवासी जलालाबाद, प्रगट सिंह उर्फ पिंका निवासी जमालगड़ छीबिया वाला और सुखपाल सिंह उर्फ पाला निवासी चक्क वैरोके हाल मतीदास कालोनी जलालाबाद को गिरफ्तार कर लिया। राजस्थान के पदमपुर के रहने वाले सतनाम सिंह उर्फ मकड़ और गंगा सिंह फरार हैं।

ऐसे हुआ शक
आईजी ने बताया कि मुटनेजा को आरोपियों ने इतना पीटा कि उनके सीने की हड्डियां टूट चुकी थीं। उन्होंने कहा कि घटना वाले दिन सन्नी को मुटनेजा की दुकान के आसपास घूमते हुए देखा था, तभी सन्नी पर शक गया था। वारदात के बाद से सन्नी के परिजन भी फरार थे।
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घर जाते वक्त कार सवारों ने किया था अपहरण

गौरतलब है कि जलालाबाद के खाद व कीटनाशक दवाओं के व्यापारी सुमन मुटनेजा 18 अप्रैल की शाम को अपनी कार में घर के लिए निकले थे। रास्ते में ही करीब 6 बजे एक अन्य कार पर सवार युवकों ने उनका अपहरण कर लिया। यह घटना एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।

इसके बाद थाना सिटी पुलिस ने अभिनंदन मुटनेजा पुत्र सुमन मुटनेजा निवासी पंजेके उताड़ गुरुहरसहाए के बयान के पर धारा 365 के तहत पर्चा दर्ज करके जांच शुरू की। इस दौरान शुक्रवार की शाम पुलिस को गंग नहर में एक कार मिलने की सूचना मिली। शनिवार सुबह पुलिस ने सुमन की आई20 कार को बाहर निकाला तो कार की खिड़कियां शीशे व पिछली डिग्गी खुली हुई थी।

निशानदेही के अनुसार पता चला है कि कार को घसीटकर नहर में फेंका गया है। शुक्रवार को ही दिन भर चर्चा रही कि सुमन मुटनेजा राजस्थान के श्रीगंगानगर के एक अस्पताल में उपचाराधीन हैं, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। शुक्रवार को अपहर्ताओं ने परिवार वालों से फिरौती भी मांगी, जिसका पुलिस को पता था। लेकिन फिरौती के लिए आई फोन कॉल के आधार पर पुलिस दोषियों को पकड़कर सुमन को सुरक्षित हासिल करना चाहती थी।

पुलिस का यह दांव परिवार पर भारी पड़ा। अभी तक यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि अपहर्ताओं ने सुमन की हत्या कब की है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह सच्चाई सामने आएगी। जबकि पुलिस का कहना है कि दोषियों ने वीरवार को ही सुमन के हाथ-पैर बांध कर नहर में फेंक दिया।
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