नोटबंदी के कहर ने एक कारोबारी की जीवन लीला समाप्त कर दी। कारोबारी अपनी पत्नी के साथ पैसे निकालने के लिए आदर्श नगर चौक के पास स्थित बैंक आफ बड़ौदा की ब्रांच के बाहर लाइन में लगा हुआ था। इस दौरान उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतक की पहचान राम नगर के रहने वाले रेशम लाल के रूप में हुई है।
पैसे लेने वाले लोगों की भीड़ ज्यादा होने की वजह से बैंक के मैन गेट को बंद रखा गया। सभी लोगों को टोकन देकर बुलाया जा रहा था। कपड़े का कारोबार करने वाले रेशम लाल अपनी पत्नी अमरजीत कौर के साथ बैंक आफ बड़ौदा आए थे। बैंक का खाता अमरजीत कौर और रेशम लाल दोनों के नाम पर था। पैसे निकालने के लिए रेशम लाल करीब डेढ़ घंटे तक लाइन में लगे रहे। करीब सवा 12 बजे अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गए।
सूचना मिलते ही तुरंत ब्रांच मैनेजर सुशांत मिश्रा बैंक के बाहर आए। उन्होंने कहा कि रेशम लाल जमीन पर लेटा हुआ था और तीन-चार लोग उसे पंपिंग दे रहे थे। बाहर खड़े लोगों में से ही किसी ने एंबुलेंस को फोन कर दिया था। मौके पर पहुंची एंबुलेंस रेशम लाल को आदर्श नगर चौक के पास स्थित बत्रा अस्पताल लेकर गए। उनकी पत्नी अमरजीत कौर ने घटना की जानकारी पारिवारिक सदस्यों को दी तो सभी अस्पताल में पहुंच गए। अस्पताल में कुछ समय इलाज के बाद डॉक्टरों ने रेशम लाल को मृतक घोषित कर दिया। पारिवारिक सदस्यों के अनुसार रेशम लाल को बीपी की समस्या थी और काफी समय से लाइन में खड़े होने की वजह से शायद उनकी तबीयत बिगड़ गई।