महिला ने छेड़छाड़ का केस वापिस नहीं लिया तो आरोपी ने उसके बेटे को गोद में लेकर खुद को आग लगा ली। घटना करनाल की है। इसमें आरोपी युवक व बच्चा गंभीर रूप से झुलस गए हैं। बेटे को बचाने के लिए आई महिला व उसकी मां भी झुलस गए हैं। पड़ोसियों ने चारों को कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से आरोपी युवक को रेफर कर दिया, जबकि बच्चे व उसकी मां को मेडिकल कॉलेज में दाखिल कराया गया है।
बच्चे की हालत गंभीर होने के कारण उसे आईसीयू में रखा गया है। पुलिस ने आरोपी आकाश गुप्ता के खिलाफ हत्या के प्रयास और आत्महत्या की कोशिश के आरोप में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार महिला सीपरा और उसका चार साल का बेटा केशव अपनी मां किरण के साथ मीरा घाटी चौक क्षेत्र में रह रही है।
कुछ माह पहले सेक्टर 14 निवासी आकाश गुप्ता ने सीपरा के साथ छेड़छाड़ की। इस पर सिटी थाना पुलिस ने उसे गिरफ्तार जेल भिजवा दिया। कुछ दिन पहले ही वह जमानत पर छूट गया और छेड़छाड़ का केस वापस लेने के लिए दबाव बनाने की नीयत से शुक्रवार को जबरन सिपरा के घर में घुस गया। आकाश अपने साथ पेट्रोल से भरी तीन बोतलें भी लेकर आया और धमकी दी कि अगर उसने केस वापस नहीं लिया तो वह खुद को आग लगा लेगा।
देखते ही देखते लगा ली आग
सिपरा के मुकदमा वापस लेने से इनकार करने पर आकाश ने देखते ही देखते खुद पर पेट्रोल उड़ेल लिया और लाइटर से आग लगा ली। इसी बीच उसने केशव को गोद में उठा लिया। आग की लपटों से दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। केशव को बचाने के फेर में सिपरा और उसकी मां किरण भी झुलस गई।
शोर सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और सभी को मेडिकल कॉलेज अस्पताल भिजवाकर पुलिस को सूचना दी। केवश को आईसीयू में रखा गया है, जबकि आरोपी आकाश गुप्ता को एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया। सिपरा मेडिकल कॉलेज में ही उपचाराधीन है।