मोहाली में खरड़ स्थित शिवालिक सिटी में शुक्रवार को उस समय अफरा तफरी मच गई। जब लोगों ने एक घर के ऊपर से धुएं के साथ दुर्गंध उठती देखी। लोगों को सांस लेने में मुश्किल आ रही थी। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके का मुआयना किया तो एक महिला की जली हुई लाश मिली। खरड़ सिटी के एसएचओ कंवलजीत सिंह ने बताया कि मृतका की पहचान धर्मजीत कौर तीस तीस हिमाचल प्रदेश जिला कुल्लू के रूप में हुई। जो कि पांच बहनों में सबसे छोटी थी। उसके माता-पिता की पहले ही मौत हो चुकी है। पुलिस की तरफ से सिविल अस्पताल खरड़ में शव का पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
मृतका मणिकर्ण स्थित गुरुद्वारे के प्रमुख सेवादार बाबा श्रीराम की सगी भतीजी है। मृतका की बहन स्वर्णजीत कौर के बयानों पर मृतका के पति रुपिंदरपाल सिंह, देवर गुरप्रीत सिंह, ससुर उज्जल सिंह, सास हरभजन कौर, ननद सरबजीत कौर व दामाद मनप्रीत सिंह के खिलाफ पुलिस ने आईपीसी की धारा 304 बी (शादी के सात सालों के अंदर किसी महिला की मौत जलने) का केस दर्ज किया। मृतका के पति व ससुर को गिरफ्तार कर लिया गया। शेष की तलाश में छापेमारी की जा रही है।
शादी के समय पहली शादी की बात छुपाई
जानकारी के मुताबिक मृतका का विवाह करीब पांच साल पहले खरड़ के रहने वाले नौजवान रुपिंदरपाल सिंह से हुआ था। वह मनीमाजरा में टायरों का काम करता है। विवाह के मौके पर रूपिंदरपाल सिंह व उसके परिवार वालों ने धर्मजीत कौर से इस बात को छुपाया था कि रूपिंदर की पहले भी शादी हुई है। साथ ही उसकी पहली पत्नी से तलाक हो चुका है। बाद में उसे पता चला गया था कि लेकिन फिर धर्मजीत कौर अपने पति व ससुराल वालों के साथ खुश रहने की कोशिश कर रही थी। लेकिन ससुराल वाले इसे लगातार परेशान कर रहे थे।
तीसरी मंजिल पर कमरे में जला मिला शव
एसएचओ कंवलजीत सिंह ने बताया कि मृतका का शव मकान की तीसरी मंजिल पर एक स्टोरनुमा कमरे में काफी हद तक जली हालत में मिला। मृतका बैड पर मुंह के बल पड़ी हुई थी। कमरे के अंदर कई जगह खून के निशान थे। साथ ही कमरे से एक पेट्रोल की बोतल भी मिली।
अंगुली और अंगूठा अलग गिरे थे
मौके पर पहुंची फॉरेंसिक टीम ने वारदात वाली जगह से मृतका के हाथ की एक अंगुली और अंगूठा जो शव से अलग गिरे मिले हैं। पुलिस को अंदेशा है कि मृतका को जलाने से पहले वहां पर जमकर मारपीट हुई है। जिसके बाद वारदात को अंजाम दिया गया।
पैसे के लिए मायके वालों को बेचनी पड़ी प्रॉपर्टी
मृतका के परिजनों ने बताया कि ढाई महीने पहले वह कुल्लू गई थी। इस दौरान उसने परिवार वालों को बताया था कि पति व उसके ससुराल वाले दहेज के लिए तंग करते है। उनका कहना था कि वह कम दहेज लेकर आई है। इसके बाद इसी महीने 16 अगस्त को उसकी बहनों ने कुल्लू में अपनी प्रॉपर्टी सोलह अगस्त को 32 लाख पचास हजार रुपये बेच दी थी। सभी बहनों के हिस्से में छह-छह लाख रुपये आने थे। सभी बहनों ने मिलकर एक लाख रुपये का चेक मृतका को दे दिया था। जिसकी उसने एफडी करवा ली थी। जबकि साढ़े पांच लाख का चैक दो सितंबर को मिला था। जिसकी वह एफडी करवाना चाहती थी।
तीन दिन पहले आई थी ससुराल
परिवार वालों ने बताया कि 27 अगस्त को खरड़ स्थित ससुराल में आई थी। उसने अपनी बड़ी बहन चंदरजीत कौर को बताया था कि उसके ससुराल वाले पैसे के लिए तंग कर रहे है। उनकी दलील है कि उसने पैसों की एफडी क्यों करवाई। बहन का कहना है कि इस बात से वह काफी परेशान थी। इसके बाद उन्हें उसके मरने की सूचना मिली।