खेत में सिंचाई कर रहे गांव खटौली निवासी युवक मोहित (17) की करंट लगने मौके पर ही मौत हो गई। बिजली का तार पानी भरे खेत में गिरने मोहित करंट की चपेट में आ गया। घटना की सूचना पर पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों ने जमकर बवाल काटा। उन्होंने दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग करते हुए मोहित के शव को उठने नहीं दिया। हालांकि बाद में एक्सईएन के आश्वासन पर ग्रामीण शांत हुए।
जानकारी अनुसार मोहित कुमार पुत्र जसपाल सिंह सुबह खेत में पानी दे रहा था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली की तार टूट कर खेत में गिर गया। बिजली का तार गिरते ही पूरे खेत में करंट आ गया और करंट लगते ही मोहित की मौत हो गई। मोहित सीनियर सेकेंडरी स्कूल रायपुररानी में 12वीं कक्षा में पढ़ता था। घटना की सूचना वहां से गुजर रहे संदीप ने ग्रामीणों और परिजनों को दी। सूचना मिलते ही मोहित के परिजन जसपाल सिंह, बचना राम, महिपाल सिंह घटनास्थल पर पहुंचे।
परिजनों और ग्रामीणों ने इस घटना के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों को जिम्मेदार ठहराते हुए हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर बरवाला पुलिस चौकी के एसएचओ चंडीमंदिर हरभजन सिंह, बिजली विभाग के एसडीओ आरपी आहूजा, जेई रजत और वार्ड 20 पार्षद सलीम दबकौरी मौके पर पहुंचे।
ग्रामीणों ने कहा कि जब तक एक्सईएन घटनास्थल पर नहीं पहुंचेंगे वह मोहित का शव नहीं उठाने देंगे। घटना के कुछ देर बाद एक्सईएन बीएस रंगा और एसीपी मुकेश मल्होत्रा मौके पर पहुंचे और कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए। पुलिस ने मोहित के शव को पोस्टमार्टम के लिए पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सामान्य अस्पताल पहुंचाया और पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया और पुलिस कार्रवाई शुरू कर दी।
बिजली विभाग की क्या रही लापरवाही
ग्रामीण विक्रम सिंह, मास्टर श्योराम, शीशपाल सिंह, राजकुमार, फकीर चंद, कंवरपाल, महक सिंह, पाली, राय सिंह व महीपाल सिंह ने बताया कि यहां पर बिजली की तारें पूरी तरह से जर्जर हो चुकी हैं। जो हादसों को न्यौता दे रही हैं। बिजली विभाग द्वारा लगाए गए कई ट्रांसफार्मरों पर बिजली सप्लाई काटने के लिए स्विच नहीं हैं। कई बार इस समस्या के बारे में विभाग को अवगत करवाया गया, लेकिन कर्मचारियों व अधिकारियों ने तारों को ठीक करना उचित नहीं समझा। जिसका खामियाजा क्षेत्र के ग्रामीण भुगतने को मजबूर हैं।