अंबाला कालका रेलवे लाइन पर वीरवार देर रात गांव मुबारिकपुर निवासी एक महिला व उसके दो बच्चों के शव संदिग्ध हालात में मिले। शव रेलवे ओवरब्रिज के नीचे रेलवे लाइन पर पड़े थे। मृतकों की पहचान सुखविंदर कौर (45) पत्नी मुखतार सिंह, 15 वर्षीय बेटा हेमंत और 11 वर्षीय बेटी जसप्रीत कौर उर्फ प्रीति के रूप में हुई है। तीनों के शव क्षत विक्षत हालत में रेलवे ट्रैक के बीचों बीच पड़े थे। इसकी जानकारी रेलवे पुलिस को वीरवार देर रात मिली थी।
इसके बाद उन्होंने मृतकों के परिजनों को जानकारी दी। मृतक महिला का पति इसको सुसाइड बता रहा है, जबकि महिला के परिजन पति पर हत्या का आरोप लगा रहे हैं। फिलहाल पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शवों को डेराबस्सी सिविल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिए है।
जानकारी के अनुसार, रेलवे पुलिस को हादसे की जानकारी वीरवार रात 11 बजकर 45 मिनट पर मिली था। महिला के पास से मिले मोबाइल फोन से उसके पति के चचेरे भाई अवतार सिंह को रात दो बजे सूचित किया गया। इसके बाद शवों की शिनाख्त हुई। रेलवे पुलिस को बताया गया कि हेमंत के साथ एक्टिवा से सुखविंदर और जसप्रीत गांव से तीन किमी दूर रेलवे ओवरब्रिज के नीचे एक मजार पर माथा टेकने गई थी। घटना स्थल से कुछ दूर पर एक्टिवा पड़ा था।
पति ने कहा-सुसाइड किया, महिला के परिजनों ने कहा-पति ने की हत्या
मृतका सुखविंद्र कौर का भाई
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सुखविंदर कौर के दो ही बच्चे थे और उसका पति पेशे से ट्रक चालक है। गांव में सुखविंदर का परिवार ससुराल वालों से अलग रह रहा था। बेटी सरकारी स्कूल में कक्षा सात की छात्रा थी, जबकि बेटा 8वीं तक पढ़ने के बाद किसी दुकान पर बिजली का काम सीखने लगा था। रेलवे पुलिस के डीएसपी गुरजीत सिंह, पटियाला से एसएचओ विमल कुमार व लालडू चौकी, लालडू के प्रभारी रामपाल मौके पर और महिला के घर जाकर जानकारी ली।
क्या कहना है मृतका के भाई का
सुखविंदर गांव नौनी, तहसील मुलाना, जिला अंबाला की रहने वाली थी। उसके गांव के सरपंच अरुण कुमार व हरपाल समेत पंचायत को लेकर पहुंचे छोटे भाई सुच्चा सिंह ने सुखविंदर की मौत को लेकर मुखतार सिंह पर शक जताया है। शुक्रवार तड़के चार बजे उनके एक रिश्तेदार को फोन पर बताया गया कि मां व बच्चों ने ट्रेन के आगे खुदकुशी कर ली है।
सुच्चा सिंह ने आरोप लगाया कि मुखतार शराबी है और अक्सर वह सुखविंदर से मारपीट करता रहा है। इस बारे में कई बार पंचायतें हो चुकी हैं, लेकिन मुखतार नहीं सुधरा। सुच्चा के अनुसार उसकी बहन इसे लेकर काफी परेशान रहती थी। उन्होंने बताया कि सुखविंदर के दादा का नौनी गांव में वीरवार को अंतिम संस्कार किया गया था। वह दोपहर बाद पति के साथ वहां से एक ऑटो में मुबारिकपुर लौट गए थे। वहां भी मुखतार शराब पीकर पहुंचा था।