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धोखाधड़ी के मामले में पूर्व भाजपा नेता समेत दो गिरफ्तार

Fri, 21 Aug 2015 01:45 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, डेराबस्सी
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धोखाधड़ी के आरोप में पूर्व भाजपा नेता सुरेश गुप्ता सहित एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। फिलहाल दोनों रिमांड पर हैं। पुलिस ने यह केस साल 2013 में दर्ज 11 लोगों के खिलाफ किया था। जिस पर जांच के बाद तीनों को क्लीन चिट दे दी गई, जबकि अन्य को मामले में आरोपी पाया गया।
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इसी आधार पर पुलिस ने सुरेश गुप्ता व अन्य आरोपी याकूत अली को गिरफ्तार कर लिया। जबकि वेद प्रकाश को जांच में शामिल किया गया है। जांच अधिकारी एएसआई केवल सिंह ने बताया कि नीरज कंसल पुत्र केवल कंसल डायरेक्टर मोतिया कंस्ट्रक्शन लिमिटेड जीरकपुर ने 21 दिसंबर 2013 को एसएसपी मोहाली को दी शिकायत कहा था कि उनकी कंपनी की दो बीघे दस बिसवे जमीन डेराबस्सी में है।

आरोप है कि कुछ दिन पहले जब वह पटवारी के पास गए तो देखा जमीन सुरेश गुप्ता निवासी प्रीतनगर ने एक कथित फर्जी कंपनी के एग्रीमेंट के जरिये अपने रिश्तेदारों के नाम रजिस्ट्री करा दी। जबकि उनकी कंपनी ने इस तरह का कोई प्रस्ताव नहीं डाला था।
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शिकायतकर्ता ने मामले में रजिस्ट्री करने वाले तहसीलदार की भूमिका भी संदिग्ध बताई। कंपनी की रजिस्ट्री में असली एग्रीमेंट भी लगाया जाता है। लेकिन रजिस्ट्री में ऐसा नहीं था। शिकायतकर्ता के मुताबिक इस साजिश में वेद प्रकाश, ऊषा रानी पत्नी, जगदीश सिंह, जोरा सिंह, अंग्रेज सिंह, गवाह पूर्व पार्षद जेठू राम, रुपेश धीमान शामिल हैं।

इसके अलावा सुरेश गुप्ता की ओर से करवाई गई दूसरी रजिस्ट्री में केवल कृष्ण, आशा रानी, दीपक बंसल व याकूत अली निवासी डेराबस्सी ने मिलीभगत से उनकी जमीन की रजिस्ट्री करवा ली। दूसरी रजिस्ट्री में भी गवाही पहले वाले आरोपी पूर्व पार्षद जेठूराम व रुपेश धीमान ने डाली।

थाना प्रभारी तरलोचन सिंह ने कहा कि कंपनी में पांच डायरेक्टर हैं। जिनमें कृष्ण कुमार गोयल, प्रवीण कुमार सिंगला, तेजिंद्र गोयल व शिकायतकर्ता नीरज कंसल व चमन लाल हैं। इनमें से कृष्ण कुमार गोयल, प्रवीण कुमार सिंगला, तेजिंद्र गोयल तीनों डायरेक्टरों ने सुरेश गुप्ता को जमीन बेचने के लिए कंपनी का एग्रीमेंट दिया था। लेकिन एग्रीमेंट में तेजिंद्र गोयल व शिकायतकर्ता नीरज कंसल के हस्ताक्षर नहीं थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों डायरेक्टरों के खिलाफ भी केस दर्ज किया था।
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