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कबूलनामा: किसान आंदोलन के बारे में गलत बोलने पर आया गुस्सा, आरोपी बोला- पेट्रोल डालकर लगा दी आग

Fri, 18 Jun 2021 10:57 PM IST
ajay kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बहादुरगढ़ (हरियाणा)

सार

हरियाणा के बहादुरगढ़ में एक व्यक्ति को जिंदा जला देने के मामले में पुलिस के मुताबिक आरोपी ने वारदात को कबूल लिया है। उसने बताया है कि किसान आंदोलन पर गलत टिप्पणी करने पर वारदात को अंजाम दिया। हालांकि आरोपी का परिवार इस बात से इनकार कर रहा है। बेटे ने कहा कि पिता को साजिश के तहत फंसाया गया है। पूरे मामले की जांच होनी चाहिए।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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गांव कसार के ग्रामीण को जिंदा जलाने के मामले में गिरफ्तार आरोपी कृष्ण ने कबूल किया है कि मुकेश के किसान आंदोलन के बारे में अनापशनाप बोलने पर उसने ऐसा किया। पुलिस पूछताछ में कृष्ण ने कहा कि मुकेश के गाली गलौज करने पर उसने पास पड़ी पेट्रोल की बोतल उस पर उड़ेल कर आग लगाई थी। शुक्रवार को कृष्ण को अदालत में पेश किया गया।

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जींद के गांव रायचंद वाला का निवासी आरोपी कृष्ण करीब 10 दिन से आंदोलन में शामिल था। वहीं मृतक मुकेश कई बार आकर किसानों के साथ बैठकर शराब पीता था। सेक्टर-6 थाना प्रभारी जयभगवान के अनुसार बुधवार शाम मुकेश ने कृष्ण, संदीप और दो अन्य लोगों के साथ शराब पी। कृष्ण ने पूछताछ में बताया कि इस दौरान मुकेश ने किसान आंदोलन के संबंध में कुछ गलत शब्दों का इस्तेमाल किया। इसके बाद पूरा घटनाक्रम हुआ। पुलिस ने शुक्रवार को आरोपी कृष्ण को अदालत में पेश किया। अदालत ने एक दिन के रिमांड पर भेज दिया है। 

वायरल वीडियो जांच में शामिल
थाना प्रभारी ने दावा किया कि जल्द ही अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि पेट्रोल पंप की सीसीटीवी कैमरे कई दिन से खराब हैं लेकिन तकनीकी लोगों की मदद से उसमें मौजूद डाटा जुटाया जाएगा। पुलिस ने मुकेश की मौत से पहले अस्पताल में लोगों द्वारा बनाई गई वीडियो को सबूत के तौर पर जांच में शामिल किया है। 

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आरोपी कृष्ण का बेटा बोला- साजिश के तहत फंसाया 

टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में व्यक्ति को जिंदा जलाने का आरोप जींद के रायचंदवाला गांव निवासी 50 वर्षीय किसान कृष्ण पर लगे हैं। इससे कृष्ण के परिवार व पूरा गांव बेचैनी में है। परिवार के लोगों का कहना है कि कृष्ण का आज तक गांव में भी किसी के साथ झगड़ा नहीं हुआ है। ऐसे में वह इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकता है। साथ ही परिवार के लोगों का कहना है कि घटनास्थल से और भी वीडियो उनके पास आए हैं, जिनमें मरने वाला व्यक्ति खुद आग लगाने की बात कह रहा है।

कृष्ण ने घटना के दिन ही घर फोन कर अपनी पत्नी से कहा था कि वह कल घर आएगा। कृष्ण करीब दो एकड़ की खेती करता है। साथ लगते ढाठरथ गांव में परचून की दुकान चलाता है। कृष्ण के दो बेटे हैं। बड़ा बेट कर्मवीर स्नातक अंतिम वर्ष का छात्र है तो छोटा बेटा विक्रम 12वीं में पढ़ता है। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ मिलकर दुकान व खेती का काम संभालते हैं। वहीं कृष्ण की पत्नी सुदेश देवी पशुपालन करती हैं। 

बड़ा षड्यंत्र, होना चाहिए खुलासा
कृष्ण के बेटे कर्मवीर ने कहा कि उसके पिता एक सप्ताह पहले ही किसान आंदोलन में गए थे। गांव से लोग जाते रहते हैं। लेकिन वहां नहीं रहते। अधिकतर लोग खटकड़ धरने तक ही समिति हैं। करीब एक सप्ताह पहले उसके पिता जींद गए थे। वहीं से दिल्ली जाने वाला कोई मिल गया था उसके साथ चले गए थे। कर्मवीर के अनुसार यह पूरा मामला किसान आंदोलन को बदनाम करने का षड्यंत्र है। इसका खुलासा होना चाहिए। वहीं कृष्ण का परिवार दिल्ली व खटकड़ में चल रहे धरने पर रहने वाले किसान नेताओं से संपर्क बनाए हुए है। कर्मवीर के अनुसार किसान नेताओं ने उन्हें पूरी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
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