टीकरी बॉर्डर पर चल रहे किसानों के आंदोलन में व्यक्ति को जिंदा जलाने का आरोप जींद के रायचंदवाला गांव निवासी 50 वर्षीय किसान कृष्ण पर लगे हैं। इससे कृष्ण के परिवार व पूरा गांव बेचैनी में है। परिवार के लोगों का कहना है कि कृष्ण का आज तक गांव में भी किसी के साथ झगड़ा नहीं हुआ है। ऐसे में वह इतना बड़ा कदम कैसे उठा सकता है। साथ ही परिवार के लोगों का कहना है कि घटनास्थल से और भी वीडियो उनके पास आए हैं, जिनमें मरने वाला व्यक्ति खुद आग लगाने की बात कह रहा है।
कृष्ण ने घटना के दिन ही घर फोन कर अपनी पत्नी से कहा था कि वह कल घर आएगा। कृष्ण करीब दो एकड़ की खेती करता है। साथ लगते ढाठरथ गांव में परचून की दुकान चलाता है। कृष्ण के दो बेटे हैं। बड़ा बेट कर्मवीर स्नातक अंतिम वर्ष का छात्र है तो छोटा बेटा विक्रम 12वीं में पढ़ता है। दोनों बच्चे अपने पिता के साथ मिलकर दुकान व खेती का काम संभालते हैं। वहीं कृष्ण की पत्नी सुदेश देवी पशुपालन करती हैं।
बड़ा षड्यंत्र, होना चाहिए खुलासा
कृष्ण के बेटे कर्मवीर ने कहा कि उसके पिता एक सप्ताह पहले ही किसान आंदोलन में गए थे। गांव से लोग जाते रहते हैं। लेकिन वहां नहीं रहते। अधिकतर लोग खटकड़ धरने तक ही समिति हैं। करीब एक सप्ताह पहले उसके पिता जींद गए थे। वहीं से दिल्ली जाने वाला कोई मिल गया था उसके साथ चले गए थे। कर्मवीर के अनुसार यह पूरा मामला किसान आंदोलन को बदनाम करने का षड्यंत्र है। इसका खुलासा होना चाहिए। वहीं कृष्ण का परिवार दिल्ली व खटकड़ में चल रहे धरने पर रहने वाले किसान नेताओं से संपर्क बनाए हुए है। कर्मवीर के अनुसार किसान नेताओं ने उन्हें पूरी कार्रवाई का भरोसा दिया है।