सजा सुनाने से पहले खुशप्रीत के हत्यारों को लोगों ने खूब पीटा। अदालत के अंदर भी खुशप्रीत के परिवार के सदस्य और दोषियों के रिश्तेदारों के बीच जमकर बहस हुई।
मामला तब तूल पकड़ गया जब दोषियों को परिवार के सदस्यों से मिलने दिया गया। हत्या में दोषी ठहराए गए सुखदेव सिंह और गुरमिंदर सिंह की पत्नी और बहन उनसे मिलने आईं।
उन्होंने दोनों को गले भी लगाया। इस पर खुशप्रीत की चाची कर्मजीत कौर ने विरोध किया। इस पर हंगामा हुआ। इसके बाद जैसे ही दोषियों को कोर्ट से बाहर बैरक में ले जाया गया लोगों ने उसकी पिटाई कर दी।
पुलिस ने मुश्किल से दोषियों को बचाया। उसके बाद जब शाम 4 बजे दोषियों को सजा के लिए बुलाया जाना था तो पुलिस अदालत के पिछली तरफ से दोषियों को लेकर आई और सजा के बाद पीछे से ही बैरक तक पहुंचाया।
खुशप्रीत की चाची को मारा थप्पड़
खुशप्रीत की चाची कर्मजीत कौर ने आरोप लगाया है कि हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दोनों युवकों की बहन ने उसे थप्पड़ मारा। पुलिस ने दोषियों को परिजनों से मिलने की मंजूरी दी। उक्त मारपीट को लेकर जिला अदालत में अफरातफरी मच गई।