जीरकपुर के अधीन पड़ते गांव नगला में एक भतीजे ने साथियों के साथ मिलकर अपने चाचा की लाठियों से पिटाई करते हुये उसे बुरी तरह से घायल कर दिया। दूसरी ओर, मामले की जानकारी जीरकपुर पुलिस को दी तो उन्होंने कार्रवाई करते हुये मामला तो दर्ज कर लिया, पर आठ दिन बीत जाने के बाद पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर सकीं है।
पुलिस कर्मियों की इस ढीली कार्रवाई के कारण मामले में शामिल आरोपी सरेआम घायल व्यक्ति के परिवारिक सदस्यों को धमकियां दे रहे हैं। अमरीक सिंह (उम्र 60 वर्ष) निवासी नगला (जीरकपुर) ने पुलिस को दर्ज करवाये बयान में बताया कि 23 सितम्बर दिन शुक्रवार की रात वह अपने परिवार के साथ घर पर मौजूद थे। इस दौरान, शुक्रवार रात करीब 11 बजे उनका भतीजा गुरिंदर सिंह अपने तीन अन्य साथियों के साथ जबरदस्ती घर के अंदर घुस आया।
गुरिंदर व उसके अन्य साथियों के हाथ में कुल्हाडी व डंडे पकड़ रखे थे, जिसे देखकर वह घबरा गया। शिकायतकर्ता के अनुसार, गुरिंदर से जब जबरदस्ती घर में घुस आने का कारण पूछने की कोशिश की तो उसने जवाब में उनके सिर पर डंडे से वार कर दिया। जिस कारण सिर से खून निकलना शुरू हो गया। देखते ही देखते उसके साथ अन्य साथियों ने मिलकर उसे पकड़ लिया और जमीन पर लेटाकर डंडों से पिटाई करनी शुरू कर दी।
कुछ देर तक चारों आरोपी उसे पीटते ही रहे और बाद में परिवारिक सदस्यों को उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर बाहर आ गये, जिसे देखकर गुरिंदर अपने साथियों को लेकर मौके से भाग निकला। शिकायतकर्ता ने बताया कि गुरिंदर व उसके साथियों के साथ इस मारपीट में उसे सिर, हाथ व पैर में गंभीर चोटें आई है। जिसके चलते उसको डेराबस्सी सिविल अस्पताल में दाखिल होना पड़ा। अस्पताल में डाक्टरों ने उपचार के दौरान सिर में टांके, हाथ और टांग में फ्रेक्चर आया है। डाक्टरों ने अमरीक सिंह को पूरी तरह ठीक होने तक कुछ दिनों तक अस्पताल के वार्ड में शिफ्ट कर दिया है और मेडिकल रिपोर्ट तैयार करके पुलिस अधिकारियों को सौंप दी है।