रोहतक के करौंथा गांव में आश्रम के बाबा रामपाल की पेशी को लेकर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुरक्षा कड़ी कर दी है। पेशी को लेकर हाईकोर्ट के जस्टिस और आईजी आरपी उपाध्याय की बैठक हुई थी।
चंडीगढ़ पुलिस के 500 जवान हाईकोर्ट में शुक्रवार सुबह तैनात होंगे। बैरिकेट्स पर पुलिस ही पुलिस तैनात होगी और लोगों को हाईकोर्ट जाने के लिए पुलिस जवानों को बताना पड़ेगा।
पुलिस का मानना है कि बाबा रामपाल के करीब एक लाख समर्थक पेशी पर पहुंच सकते हैं। इसके चलते पुलिस ने शहर के एंट्री प्वाइंट पर भी पुलिस जवान तैनात कर दिए हैं।
क्या है करौंथा विवाद
वर्ष 1999 में करौंथा में सतलोक आश्रम की स्थापना की। शुरुआत में पहली जून, 1999 से 7 जून, 1999 तक लगातार सप्ताह भर का सत्संग शुरू किया। कुछ वर्षों में तो सब सामान्य चला किंतु धीरे-धीरे करौंथा व साथ लगते गांवों के लोगों खासकर आर्यसमाजियों ने रामपाल के प्रवचनों पर आपत्ति जताई तो स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
आखिरकार 12 जुलाई, 2006 को रामपाल अनुयायियों और आर्यसमाजियों में खूनी टकराव हुआ। इस दौरान पानीपत के शाहपुर के संदीप, करौंथा गांव की प्रोमिला और बलियाणा गांव के उदयवीर की मौत हो गई थी।
दोनों तरफ से जवाबी कार्रवाई में 100 से ज्यादा ग्रामीण व पुलिस कर्मचारी घायल हो गए थे। इसके बाद पुलिस ने आश्रम पर कब्जा किया। रामपाल सहित उनके कई समर्थकों के खिलाफ केस दर्ज हुआ और गिरफ्तार हुए थे।