हमने सल्फास की गोलियां निगल ली हैं। हम मरना चाहते हैं। हमें अस्पताल मत ले जाओ, हमें यहीं मरने दो। यह शब्द जीवन से तंग आ चुके डेरा बाबा नानक के गांव गुरचक्क के रहने वाले दंपति के थे। अस्पताल ले जाते समय पति की रास्ते में मौत हो गई और पत्नी का अमृतसर के निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है।
थाना डेरा बाबा नानक के एएसआई व मामले के जांच अधिकारी हरपाल सिंह ने बताया कि गांव गुरचक्क के रहने वाला मलकीत सिंह (23) मलेशिया में काम करता था और सात महीने पहले ही शादी के लिए वह अपने गांव आया था। 21 नवंबर 2015 को ही उसकी शादी जतिंदर कौर (22) से हुई थी। मंगलवार की देर शाम को पति और पत्नी घर से थोड़ी दूर गए और वहां जाकर सल्फास की निगल लीं। इसके बाद दोनों गांव में आ गए।
जब लोगों को पता चला कि दोनों ने कोई जहरीली चीज निगली है तो वह उन्हें अस्पताल ले जाने की कोशिश करने लगे। पति और पत्नी ने गांव के लोगों का विरोध करते हुए कहा कि वह मरना चाहते हैं, हमें यहीं मरने दो। दंपति की हालत बिगड़ते देख गांव के लोग जबरदस्ती उन्हें गाड़ी से डेरा बाबा नानक के अस्पताल ले जाने लगे। इस दौरान रास्ते में मलकीत सिंह की मौत हो।
डेरा बाबा नानक अस्पताल के डॉक्टरों ने जतिंदर कौर को अमृतसर रेफर कर दिया। एएसआई ने बताया पुलिस ने मृतक की मां सर्बजीत कौर के बयानों पर 174 की कार्रवाई करते हुए शव पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। सल्फास की गोलियां खाने की वजह न तो मृतक के पारिवारिक सदस्य बता रहे हैं और न ही गांव के लोग। मामले की जांच की जा रही है।