उधार न मिलने से नाराज एक व्यक्ति ने अपने ढाई साल के भतीजे का अपहरण कर लिया। बच्चे का गला घोटकर उसे सतलुज के किनारे फेंक दिया। बाद में आत्महत्या करने के लिए नहर में छलांग लगाने लगा, इसी दौरान लोगों ने उसे पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया।
आरोपी की निशानदेही पर बच्चे को बरामद कर उसे डीएमसी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां बच्चे की हालत ठीक है। थाना लाडोवाल की पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
थाना लाडोवाल के इंचार्ज एसीपी सौरव जिंदल और इंस्पेक्टर गुरबचन सिंह ने बताया कि गांव छौले के निवासी रफूगर बलकार सिंह से कुछ माह पूर्व उसके रिश्ते में लगते भाई बलवंत सिंह (20) ने अपनी बहन की शादी के लिए पचास हजार रुपये उधार मांगे थे। बलकार सिंह ने यह रकम देने में असमर्थता जताई।, जिसके बाद आरोपी बलवंत सिंह बलकार से रंजिश रखने लगा।
रविवार रात नौ बजे बच्चे के दादा सुरिंदर सिंह ने पुलिस को शिकायत दर्ज करवाई थी कि उनका ढाई साल का पोता लवप्रीत घर से लापता है। उन्होंने शक जाहिर किया कि बच्चे की गुमशुदगी के पीछे बलवंत सिंह का हाथ हो सकता है। पुलिस ने जांच शुरू की।
करीब दस बजे उन्हें जानकारी मिली कि टोल प्लाजा लाडोवाल के कर्मियों ने एक युवक को सतलुज दरिया में छलांग लगाने के प्रयास में पकड़ा है। जब मौके पर पुलिस पहुंची तो युवक की पहचान बलवंत सिंह के रूप में हुई।
बच्चे के बारे में पूछताछ करने पर उसने बताया कि उसने बच्चे को बलकार सिंह के घर से उठाने के बाद टोल प्लाजा के पास ही सतलुज दरिया के किनारे एक सुनसान जगह पर ले जाकर गला घोटकर फेंक दिया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर पत्थरों के नीचे से बच्चे को निकाला और उसे डीएमसी अस्पताल में दाखिल करवाया।