इसके बाद दोनों ने एएसआई शमशेर सिंह के साथ मिलकर उसके पिता के खिलाफ षड्यंत्र रचा और उन्हें झूठे केस में फंसाने की कोशिश की। नाबालिग का आरोप है कि बीरबल ने इसके लिए एएसआई शमशेर को 20 हजार रुपये रिश्वत दी। एएसआई उसे और उसकी मां को घर से उठाकर थाने ले गया। काफी समय तक दोनों को थाने में बंद रखा, दोनों को पीटा और धमकाया भी।
नाबालिग ने आरोप लगाया कि एएसआई शमशेर सिंह उसे और उसकी मां को एएसआई रोशन लाल, कांस्टेबल दिलावर सिंह, हेड कांस्टेबल रणदीप, ईएएसआई बजीर सिंह, महिला एएसआई धनपति और ईश्म सिंह के साथ उनके घर ले आए। वहां शमशेर सिंह ने दोनों के साथ दुष्कर्म किया और कई दिन तक कमरे में बंद रखा।
छह पुलिसकर्मी समेत 18 लोगों पर घर के बाहर पहरा देने का आरोप है। शमशेर और अन्य पुलिस वालों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी और पैसे का लालच देकर मुंह बंद रखने को कहा। दोनों पर अपने वकील पिता के खिलाफ गवाही देने का दबाव बनाया और उन्हें बेरहमी से पीटा। इस मामले की शिकायत कैथल एसपी आस्था मोदी से भी की।
एसआईटी का गठन कर होगी जांच
नाबालिग की शिकायत पर पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले में शीघ्र ही एसआईटी का गठन किया जाएगा। जांच के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी। - आस्था मोदी, एसपी कैथल