विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने जीरकपुर थाने में तैनात एएसआई अनूप सिंह को 40 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। हालांकि, आरोपी एक लाख की डिमांड कर रहा था। आरोपी को शुक्रवार को जिला अदालत में पेश किया जाएगा। विजिलेंस के अधिकारियों का दावा है कि पूछताछ में कई और राज खुलने के आसार हैं। इस संबंध में विजिलेंस को पंचकूला निवासी एनआरआई परमजीत कौर ढिल्लों ने शिकायत दी थी।
शिकायत में परमजीत कौर ने बताया था कि वर्ष 2007 में उस पर किडनैपिंग का मामला दर्ज हुआ था। इस पर हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिल गई थी। वहीं, केस की जांच में कुछ समय बाद उसे मोहलत मिल गई थी। जबकि वर्ष 2015 में केस के सभी आरोपी बरी हो गए थे। आरोपी अनूप सिंह 30 अगस्त 2016 को अचानक छह बजे उनके घर पहुंचा। उसने कहा कि जीरकपुर थाने में उस पर अभी भी किडनैपिंग का पर्चा दर्ज है। उसमें उनकी जमानत नहीं हुई।
इस पर महिला ने उससे कहा कि उनको केस में जमानत मिल चुकी है। वहीं, केस से उनका नाम भी हट चुका है। लेकिन, वह सुनने को कोई तैयार नहीं था। फिर उसने कहा कि अगर वह एक लाख रुपये उसे दे दे तो वह उन्हें केस से निकलवा देगा। इस दौरान उसने पूछा घर में कितने रुपये हैं। महिला का आरोप है कि उसने उसके बैग को उठाकर उसे पकड़ा दिया। साथ कहा कि इसमें जो भी पैसे हैं वह उसे दे दे। इस पर उसने बैग से बीस हजार रुपये निकाल कर उसे दे दिए। इसके बाद उन्होंने अपने रिश्तेदारों को इस बारे में जानकारी दी। इसके बाद उसने इस संबंध में विजिलेंस को शिकायत दी। विजिलेंस ने प्लानिंग के तहत कोहिनूर ढाबे के पास से उसे 40 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार कर लिया। विजिलेंस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ अहम सबूत हैं।