प्राइवेट बैंक को छह करोड़ रुपये का चूना लगाने वाले मां-बेटा को आर्थिक अपराध शाखा ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने बैंक से लोन लिया था। बिना लोन लौटाए वह भाग गए थे। दोनों आरोपियों को ईओडब्लू पिछले एक साल से तलाश कर रही थी। पुलिस ने दोनों को कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने वहां से दोनों को तीन दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
ईओडब्लू के इंचार्ज अमराव सिंह ने बताया कि दलजीत कौर (57) और उसका बेटा साहिल (29) को रविवार को गुप्त सूचना के आधार पर पटियाला से गिरफ्तार किया गया। जांच अधिकारी ने बताया कि सेक्टर-9 स्थित आईसीआईसीआई बैंक ने फरवरी 2016 में ईओडब्लू को शिकायत दी थी। शिकायत में कहा गया था कि दोनों आरोपियों ने वर्ष 2012 में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर सात करोड़ का लोन प्राप्त कर लिया था। इसके बाद उन्होंने एक करोड़ आठ लाख रुपये बैंक को वापस कर दिए थे। बाद में बैंक की किश्तें देनी बंद कर दी। इसके बाद जब बैंक अधिकारियों ने बैंक में जमा दस्तावेजों को चेक करवाया तो वह फर्जी निकले।
बाद में बैंक ने दोनों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया था। इंस्पेक्टर अमराव सिंह के अनुसार जब पुलिस फेज-10 मोहाली स्थित आरोपियों की कोठी पर गई तो आरोपी वहां से जा चुके थे। लोन नहीं चुकाने पर किसी बैंक ने इस कोठी को भी अपने कब्जे में ले ली थी। इसके बाद पुलिस दोनों को तलाश करती रही। बाद में पता चला कि दोनों पटियाला में रह रहे हैं। पुलिस टीम आरोपियों को पटियाला से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों का डेराबस्सी, मोहाली और परवाणु में स्पेयर पार्ट्स का बिजनेस था। सोमवार को पुलिस ने दोनों मां-बेटे को जिला अदालत में पेश किया और तीन दिन के पुलिस रिमांड पर ले लिया।