जालंधर कैंट में मंगलवार को अर्चना एक्सप्रेस में बम की अफवाह फैलाने वाले आरोपी को स्थानीय कमिश्नरेट और राजकीय रेलवे पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन कर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस उसके मोबाइल नंबर के जरिये ही आरोपी तक पहुंची। जांच में पता चला है कि आरोपी युवक ने अलावलपुर में अर्चना एक्सप्रेस को निकलते देखा तो दिमाग में शरारत सूझ गई और फोन कर रेलवे को बम होने की झूठी सूचना दे डाली।
डीसीपी हरजीत सिंह और डीसीपी (इंवेस्टीगेशन) संदीप कुमार, राजकीय रेलवे पुलिस के एआईजी लखविंदर खैहरा ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि मंगलवार को जम्मू से पटना साहिब जाने वाली अर्चना एक्सप्रेस में बम की सूचना मिलने पर रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया था।
'ट्रेन गुजरती देख आया था दहशत फैलाने का विचार'
ट्रेन में बम की अफवाह
- फोटो : अमर उजाला
इस वजह से काफी ट्रेनें लेट भी हुईं और यात्री परेशान रहे थे। छह घंटे तक दहशत का माहौल बना रहा था। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी रईस (28) निवासी तिरहुट तहसील अररिया को घटना के 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि उसके पास से चार मोबाइल फोन (सिम कार्ड) बरामद हो गया है और उसने स्वीकार किया है कि इसने शरारत करते हुए यह फोन किया था।
डीसीपी हरजीत का कहना है कि पुलिस ने उसके चारों मोबाइल सिम कार्ड को कब्जे में लेकर जांच की, लेकिन कोई आपत्तिजनक या किसी दहशतगर्द से उसका संपर्क नहीं पाया गया।
उन्होंने बताया कि रईस अलावलपुर में दिहाड़ीदार मजदूर था और उसने रेलवे लाइनों से अर्चना एक्सप्रेस निकलते देखी तो उसका दिमाग में दहशत फैलाने की शरारत सूझ गई।