ज्योति मर्डर केस में परिवार को जल्द न्याय मिलेगा। इसमें देरी जरूर हुई, लेकिन बूटी राम को धमकियां दिए जाने से यह मामला विधायक के और खिलाफ चला गया है।
रुचिका मामले में लड़ाई लड़ रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता आनंद प्रकाश ने यह दावा किया। उन्होंने कहा कि ज्योति हत्याकांड से जुड़े तमाम पहलुओं पर अदालत और पुलिस की कार्रवाई चल रही है, लेकिन इस लड़ाई में भी वह ज्योति के परिजनों का साथ देंगे।
21/22 नवंबर 2012 को ज्योति की हत्या के बाद उसका शव फेंक दिया गया था। इस मामले में विधायक रामकुमार समेत एक दर्जन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
23 दिसंबर 2013 को पंचकूला कोर्ट में पेशी के दौरान ज्योति के पिता अपने बयान से मुकर गए थे, जिसके बाद मामले ने नया मोड़ ले लिया।
पिछले सप्ताह पुलिस कमिश्नर से मुलाकात कर बूटी राम ने बयान से मुकरने के कारणों का खुलासा करते हुए विधायक और उनके नजदीकियों पर धमकियां देने का आरोप लगाया था।
इस मामले में बूटी राम ने धमकियां देने से संबंधित बातचीत की रिकॉडेड सीडी भी पंचकूला पुलिस को सौंपी थी। इस पर जीरो एफआईआर दर्ज करने के बाद मामला होशियारपुर पुलिस को स्थानांतरित कर दिया गया था।